फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रंग बदलने में मोदी भी माहिर निकले

Mon, 10 Feb 2014 07:26 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
पिछले 12 बरस से गुजरात में मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाल रहे नरेंद्र मोदी के सिर जब भाजपा ने पीएम पद के दावेदार का ताज रखा, तो उन्हें इस बात का इल्म रहा होगा कि केवल हिंदुत्व और विकास का मंत्र जपने से काम नहीं बनेगा।
विज्ञापन


कुछ ही दिनों में साफ हो गया कि मोदी और उनकी टीम ने उन्हें प्रोजेक्ट करने के लिए केवल यही तीर तरकश में नहीं रखे थे। धीरे-धीरे मोदी ने बचपन में चाय बेचने के मुद्दे को इतना बड़ा बना दिया कि इन दिनों भाजपा नमो टी स्टॉल का तुर्रा छोड़ रही है और उसके बहाने लोगों के बीच पहुंचने का दावा कर रही है।

जब नरेंद्र मोदी ने उन इलाकों और राज्यों में कदम रखा, जहां भाजपा की पहले से कोई खास पैठ नहीं है, तो नए हथियार निकाले। बीते एक हफ्ते के दौरान मोदी ने अपने कई रंग दिखाए और इन मंचों पर उनकी वेशभूषा या अंदाज नहीं बदला, बल्कि बातें बदलीं और वोटर से कनेक्ट करने के नए बहाने भी दिखे। आइए मोदी के इन बदलते चेहरों और बदलती बातों पर एक नजर डालें।
विज्ञापन

मोदी और मुस्लिमों की मोहब्बत

नरेंद्र मोदी को अच्छी तरह जानते हैं कि गुजरात दंगों के मामले में उन्हें अदालत की ओर से कितनी भी क्लीन चिट क्यों न मिल जाएं, लेकिन मुस्लिम मतदाताओं के दिल में उन्हें लेकर अजीब सा डर हमेशा रहा।

उन्होंने जीत के बाद गुजरात में सद्भावना के नाम पर मुस्लिमों से जुड़ने की कोशिश की। और जब उन्हें पीएम पद का दावेदार बनाया गया, तो अपनी उदार छवि सामने रखने की उन्होंने हरसंभव कोशिश की।

अपनी रैलियों में वह बार-बार कह रहे हैं कि जहर की खेती, वो नहीं बल्कि कांग्रेस करती है। उनका कहना है कि सरकार का सिर्फ एक धर्म होता है और वो है देशभक्ति। जाहिर है, कौमी दंगों के दाग अभी मिटे नहीं हैं, इसलिए मोदी उदार छवि वाले साबुन से उन्हें धोना चाहते हैं। एकता और सद्भावना की बात करने वाले मोदी कुछ दिन पहले और एक कदम आगे गए।

दंगा प्रभावित इलाकों में नमो स्टॉल

गुजरात के मुख्यमंत्री सूबे में आयोजित मुस्लिम ट्रेड फेयर में शिरकत करने पहुंचे और वहां कहा कि गुजरात के विकास में आधी मेहनत मुस्लिमों की है। उन्होंने याद किया कि ऊपरवाले की तरफ से मुस्लिमों को नेमत मिली है कि वह कलाकारी में आगे निकलते हैं।

जाहिर है, लोकसभा चुनावों से पहले मुस्लिम कारोबारियों के बीच पहुंचने की यह कोशिश कुर्सी तक की राह देख रही है। इसके अलावा अपनी चुनावी रैलियों में उन्होंने हज कोटे की बात उठाई और याद दिलाया कि दूसरे राज्यों की तुलना में सबसे ज्यादा आवेदन गुजरात में आते हैं, क्योंकि वहां के मुसलमान सुखी हैं।

मोदी कहते रहे हैं कि हिंदू को मुसलमान और मुसलमान को हिंदू से लड़ने की जरूरत नहीं, बल्कि दोनों को मिलकर महंगाई से लड़ना है और भ्रष्टाचार से लोहा लेना है। यूं तो 12 साल गुजर चुके हैं, लेकिन गुजरात दंगों की आग का धुआं अब भी जब-तब दिख जाता है। जिन इलाकों ने दंगों का दंश सबसे ज्यादा झेला, वहां भाजपा अब नमो टी स्टॉल खोल रही है।

कोलकाता में खेला बंगाली कार्ड

मुस्लिम ट्रेड फेयर से ठीक पहले नरेंद्र मोदी कोलकाता गए थे, जहां अपनी चुनावी रैली को संबोधित किया। जाहिर है, यह एक ऐसा राज्य है जहां भाजपा ने एक सीट तक नहीं जीती। लेकिन मोदी जानते हैं कि चुनावों के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की जरूरत पड़ सकती है, सो हमले सधे हुए रहे।

गुजरात के मुख्यमंत्री ने यहां वाम दलों को निशाने पर लिया और बांग्ला से भाषण की शुरुआत की। उन्होंने रबींद्र नाथ टैगोर की 'अमार सोनार बांग्ला' का जिक्र किया और तीसरे मोर्चे पर जमकर हमला किया। लेकिन उनके रंग में कुछ तब्दीली नजर आई और यहां उन्होंने बांग्ला कार्ड खेला।

मोदी ने कहा कि अगर जनता उन्हें पीएम बनाती है, तो पश्चिम बंगाल को तीन फायदे होंगे। पीएम पद पर वो रहेंगे, सीएम पद पर ममता दीदी बैठीं और राष्ट्रपति पद भी बंगाल के अपने प्रणबदा हैं। उन्होंने याद किया कि प्रणब मुखर्जी दो बार देश का प्रधानमंत्री बन सकते थे, लेकिन कांग्रेस ने अपने परिवारवाद के चक्कर में ऐसा होने न दिया।

पूर्वोत्तर को बताया अष्ठलक्ष्मी

इसके बाद भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी पहुंचे पूर्वोत्तर, जहां से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह राज्यसभा पहुंचते हैं। यहां असम में गुवाहाटी और मणिपुर के इम्फाल से उन्होंने चुनावी रणभेरी बजाई।

पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए मोदी ने यहां नॉर्थ-ईस्ट का चोला ओढ़ लिया। यहां उन्होंने दिल्ली में पूर्वोत्तर के एक युवक की हत्या को राष्ट्रीय शर्म बताया और कहा कि अब तक हम पूर्वोत्तर की सात बहनों की बात करते थे, लेकिन सिक्किम के जुड़ने के बाद हम आठ बहनों की बात करते हैं।

मोदी ने कहा कि यही 'अष्ठ लक्ष्मी' भारत का भविष्य बदलेगी। उन्होंने कहा कि देश के आर्थिक विकास में ये सभी राज्य मजबूत खिलाड़ी बनकर उभरेंगे और यह कमल पर बैठा पूर्वोत्तर देश की अष्ठ लक्ष्मी बनेगी।

असम के बहाने पीएम पर निशाना

नरेंद्र मोदी ने कहा कि ध्यान न देने और प्रशासनिक लापरवाही की वजह से पूर्वोत्तर विभाजनकारी ताकतों के हाथ में आ गया है। इस क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या उग्रवाद बन गई है।

उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री राज्यसभा में इसी सूबे की नुमाइंदगी करते हैं। लेकिन सभी जानते हैं कि उन्होंने यहां के लिए कुछ नहीं किया। मोदी ने कहा, "वह केवल आधारशिला रखने या रिबन काटने आते हैं, लेकिन परियोजना कभी उड़ान नहीं भरती"

मोदी ने एक बार फिर कह कि कांग्रेस ने 60 साल में कोई काम नहीं किया है। उन्होंने अपने लिए सिर्फ 60 महीने मांगे और दावा किया कि वह देश में खुशहाली ले आएंगे। इतने दिन में खुशहाली आएगी या नहीं, यह तो नहीं पता लेकिन मोदी उम्मीद कर रहे हैं कि इन इलाकों से कुछ वोट जरूर आ जाएं।

कोच्चि में जेब से निकला दलित कार्ड

पूर्वोत्तर में यह कार्ड खेलने के बाद रविवार को वह देश के दक्षिणी हिस्से में दौरा कर रहे थे और उन्होंने नया दांव खेला। उन्होंने अपनी जेब से दलित कार्ड निकाला और पूरी शिद्दत से खेल दिया। अब तक वह चायवाले के रूप में खुद को प्रोजेक्ट करते थे, लेकिन यहां एक कदम आगे निकले।

मोदी ने रविवार को कोच्चि में कहा कि वह अब भी राजनीतिक छुआछूत के शिकार हैं। कांग्रेस पर करारा हमला बोलते हुए मोदी ने उस पर दलितों को मिले अधिकार छीनने की साजिश रचने की तोहमत भी जड़ दी। उन्होंने दावा किया कि आने वाले दस साल दलितों और पिछड़े वर्ग के होंगे।

गुजरात के सीएम रविवार को केरल के दलित समुदाय के प्रमुख संगठन केरल पुलायर महासभा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे थे।
विज्ञापन

खुद को बताया राजनीतिक छुआछूत का शिकार

कार्यक्रम में कोच्चि के मेयर और कांग्रेस नेता टोनी चेमानी की गैर मौजूदगी का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि वह खुद भी राजनीतिक छुआछूत के शिकार हैं। शायद इसलिए टोनी चेमानी कार्यक्रम में नहीं आए, जबकि उनका नाम भी निमंत्रण पत्र में था।

आम चुनावों से पहले दलितों और पिछड़े वर्ग को लुभाने की कोशिश में जुटे मोदी ने कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेदी के जाति आधारित आरक्षण खत्म कर आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की व्यवस्था करने संबंधी बयान को लेकर भी कांग्रेस पर हमला किया।

मोदी ने कहा कि कांग्रेस 60 साल से बांटने की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि धार्मिक और भाषाई अल्पसंख्यकों के लिए रंगनाथ मिश्र आयोग के गठन से साफ है कि कांग्रेस सरकार किस तरह जहर के बीज बो रही है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें