गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के सीएम नीतीश कुमार ‘दिल मिले न मिले हाथ मिलाते रहिए’ पर एतबार नहीं करते।
एक दूसरे के चिर प्रतिद्वंद्वी बन चुके दोनों नेताओं ने इसकी बानगी विज्ञान भवन में आंतरिक सुरक्षा पर मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में पेश की।
इस दौरान दोनों नेताओं ने हाथ मिलाना तो दूर, एक दूसरे से नजरें मिलाना भी गवारा नहीं किया।
बैठक में भी दोनों नेता एक दूसरे से कन्नी काटते रहे। संकेत साफ हैं कि भाजपा में प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी के सवाल पर दोनों नेताओं के तल्ख हुए रिश्तों की खाई कम होने के बजाय और बढ़ रही है।
बुधवार को सम्मेलन के शुरू होने से ठीक पहले तमाम राज्यों के मुख्यमंत्री आपस में बात कर रहे थे। इस दौरान नीतीश की छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से बातचीत जारी थी कि उनके बगल से मोदी गुजरे।
तत्काल सभी का ध्यान मोदी की ओर गया। मगर न तो मोदी ने नीतीश की ओर देखना ठीक समझा और न ही नीतीश ने उनकी ओर देखने की जहमत ही उठाई।
चूंकि नीतीश तब रमन सिंह से बात कर रहे थे। इसलिए मोदी उनसे भी कन्नी काट गए। सम्मेलन में भी दोनों नेताओं ने एक दूसरे से दूरी बनाए रखी।
मालूम हो कि नीतीश मोदी को राजग की ओर से प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने के खुला विरोध करते रहे हैं। इसी विरोध ने दोनों नेताओं के रिश्तों में कड़वाहट घोल दी है।
बीते कुछ महीने से दोनों नेता विभिन्न राजनीतिक गतिविधियों के दौरान एक दूसरे की चुटकी लेना भी नहीं भूलते।