राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा के बीच रविवार से शुरू हुई समन्वय बैठक में भगवा दल की ओर से पीएम पद के दावेदार के रूप में नरेंद्र मोदी के नाम पर लगभग मुहर लगा दी गई।
यह दो दिवसीय हाई-प्रोफाइल बैठक शुरू होने से पहले ही संभावना जताई जा रही थी कि 2014 में होने वाले आम चुनावों में पीएम उम्मीदवार के रूप में गुजरात के मुख्यमंत्री और भाजपा की चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष मोदी पर अंतिम फैसला हो जाएगा।
सम्मेलन शुरू होने से पहले मोदी ने शनिवार को आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात की थी और ऐसा कहा जा रहा था कि संघ की ओर से उनका नाम तय कर दिया गया है।
सूत्रों के मुताबिक समन्वय समिति में आरएसएस ने साफ कर दिया है कि पीएम पद के लिए मोदी के नाम पर अंतिम मुहर लगानी ही होगी। अब सिर्फ समय को लेकर सस्पेंस है कि उनके नाम का एलान इसी साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले किया किया जाए या बाद में।
आरएसएस प्रवक्ता मनमोहन वैद्य ने शनिवार को कहा था, "संघ अपनी स्थिति साफ कर चुका है। उसने भाजपा को बता भी दिया है। पार्टी यह जानती है। अब पार्टी को तय करना है कि ऐलान कब करना है। मैं यह यहां नहीं बता सकता।"
लालकृष्ण आडवाणी ओर सुषमा स्वराज जैसे वरिष्ठ भाजपा नेता पीएम दावेदार के रूप में मोदी की नियुक्ति को लेकर खुश नहीं हैं। अगर मोदी को पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया भी जाता है, तो आडवाणी और उनके समर्थक चाहते हैं कि इसकी घोषणा साल के अंत तक टाल दी जाए।
आगामी चुनावों में भाजपा के पीएम पद के दावेदार के अलावा समन्वय समिति में विधानसभा चुनावों पर भी चर्चा हो रही है। इस बैठक में भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह, लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज और राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली के अलावा संघ के वरिष्ठ सदस्य हिस्सा ले रहे हैं।