पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की हत्याओं की परिस्थितियों को लेकर गुरुवार को लोकसभा में अपनी एक टिप्पणी के लिए केंद्रीय मंत्री थावर चंद गहलोत को कांग्रेस की भारी आपत्ति के बाद शुक्रवार को खेद प्रकट करना पड़ा। इसके बाद ही शुक्रवार को लोकसभा शुरू हो सकी।
गुरुवार शीतकालीन सत्र में चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपने संबोधन में कहा था कि जिन लोगों ने संविधान के निर्माण में कोई योगदान नहीं किया अब वह संविधान की बात करते हैं।
सोनिया गांधी के इस बयान पर पलटवार करते हुए बीजेपी सांसद और मंत्री गहलोत ने कहा था कि अपने समय में सबसे ज्यादा संविधान का उल्लंघन करने वाली कांग्रेस अब संविधान की रक्षक बन रही है। संविधान का सबसे ज्यादा दुरुपयोग कांग्रेस के कार्यकाल में ही हुआ।
इसी बयान में गहलोत ने देश में आपाताकाल लगाने के साथ-साथ इस बात का भी जिक्र किया कि यदि इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की हत्या हुई है तो उनकी गलत नीतियों की वजह से ही हुई है।
उन्होंने कहा था कि इन दोनों की हत्या इन दोनों की गलत और गंदी राजनीतिक वजहों से ही हुई थी। उनके इस बयान पर कांग्रेसी सदस्यों ने हंगामा करते हुए उनके माफी मांगने की बात कही थी।