विशेष राज्य के दर्जे पर रोक लगाकर मोदी सरकार ने कई सियासी दलों के मंसूबों को झटका दिया है। सरकार के इस कदम पर उसके अपने सहयोगी दल भी हैरान हैं। सरकार की सहयोगी आंध्र प्रदेश की तेलुगू देशम पार्टी (तेदपा) ने इस कदम को झटका बताया है।
खुद भाजपा भी राज्यों के पिछड़ेपन का हवाला देकर कई मौकों पर विशेष राज्य के दर्जे की मांग उठाती रही है लेकिन चौदहवें वित्त आयोग को ढ़ाल बनाकर सरकार ने विशेष राज्य के दर्जे के प्रावधान को पूरी तरह खत्म कर दिया है।
आने वाले समय में सरकार को प्रावधान खत्म करने का सियासी खामियाजा भी भुगतना पड़ सकता है। आंध्रप्रदेश, पश्चिम बंगाल और बिहार से सरकार के खिलाफ आवाज उठने की सुगबुगाहट शुरू हो गई है।