दलित-आदिवासियों से संबंधित कई योजनाओं केलागू होने मगर चमक बिखरने में नाकामयाब रहने के बाद सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय को एक ब्रांड एंबेसेडर की जरूरत है।
इसके लिए उसे ऐसे चेहरे की जरूरत महसूस हो रही है, जिसके सहारे न केवल योजनाओं का प्रचार-प्रसार हो, बल्कि योजनाएं लागू करने वाले मंत्रालय की भी सकारात्मक पहचान बने।
इस क्रम में मंत्रालय फिल्म जगत, कला या खेल के क्षेत्र में नाम रौशन कर चुकी देश की नामी हस्तियों के बीच से कोई एक चेहरा चुनना चाहता है। ऐसी कोशिश यूपीए सरकार के कार्यकाल में भी हुई थी, जब मशहूर क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के समक्ष ब्रांड एंबेसडर बनने का प्रस्ताव रखा गया था।