केंद्र सरकार ने की अरुणाचल में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश की है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि अरुणाचल के सियासी हालात पर केंद्रीय कैबिनेट ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने के फैसले पर अंतिम मुहर लगा दी है।
सूत्रों के मुताबिक अरुणाचल में चल रहे राजनीतिक संकट पर रविवार सुबह प्रधानमंत्री मोदी के आवास पर केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई जिसमें राज्य के सियासी हालात पर चर्चा हुई। इसके बाद राष्ट्रपति को राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश भेज दी गई।
इस फैसले पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार को निशाने पर लिया है और इसे मोदी सरकार का पॉलिटकल इन्टॉलरेंस करार दिया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी आलोचना की है और कहा है कि बीजेपी पिछले दरवाजे से सत्ता हथियाने की कोशिश कर रही है।
सुप्रीमकोर्ट में है अरुणाचल का सियासी मसला
अरुणाचल की कांग्रेस सरकार अपने ही बागी विधायकों से मुश्किल में है। कांग्रेस के करीब 21 विधायक अपनी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं।
कांग्रेस के 21 बागी विधायक सीधे राज्य के मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री नबाम तुकी के खिलाफ हो गए और कैलिखो पॉल को विधायक दल का नेता चुन लिया।
हाल ही में कांग्रेस के नाराज विधायकों और बीजेपी विधायकों द्वारा मौजूदा सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर हार का मुंह देखना पड़ा था।
इसके बाद मामला जब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तो कोर्ट ने इसे सविंधानपीठ को सौंप दिया। अभी भी मामला संविधानपीठ में लंबित है।
कांग्रेस लगातार राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की करने की मांग कर रही है। अरूणाचल सरकार की मौजूदा स्थिति की बात करें तो राज्य में 60 विधायकों में से 47 विधायक कांग्रेस के हैं जबकि 11 विधायक भाजपा के हैं। जबकि दो अन्य निर्दलीय हैं।
राष्ट्रपति शासन लगाने को लेकर केंद्र सरकार पर हमला
अरुणाचल में राष्ट्रपति शासन लगाने के फैसले को लेकर मोदी सरकार पर अब राजनतिक हमला भी तेज हो गया हैं। राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने के फैसले का कांग्रेस ने विरोध कर मोदी सरकार पर हमला बोला है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने केंद्र सरकार के इस फैसले की कड़ी आलोचना की है। सरकार पर हमला बोलते हुए सिब्बल ने कहा कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है और संविधानपीठ इसकी सुनवाई कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार कैसे राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर सकती है। मालूम हो कि संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान अरुणाचल का मामला गरमाया था। इस पर कांग्रेस ने सदन में जमकर हंगामा भी किया। तो वहीं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांगी भी की।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी सरकार पर हमला बोला है। केजरीवाल ने कहा है कि गणतंत्र दिवस से पहले अरुणाचल में राष्ट्रपति शासन लगाना लोकतंत्र की हत्या है, बीजेपी पीछे के दरवाजे से सत्ता हथियाने की कोशिश कर रही है।
Union Cab recommending Prez rule in Arunachal shocking. Murder of Consti on Rep D eve. BJP lost elections.Now acquiring power thro back door— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) January 24, 2016