केंद्र सरकार ने सांप्रदायिक, आतंकी या नक्सली हिंसा के पीड़ितों को दिए जाने वाले मुआवजे की राशि को तीन से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया है।
साथ ही 1984 के सिख विरोधी दंगों के 3,325 पीड़ितों के प्रत्येक परिजन को अतिरिक्त पांच लाख रुपये देने की घोषणा की गई है। यह राशि सिखों को मिलने वाले मुआवजे से अतिरिक्त होगी।
बृहस्पतिवार को गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने उच्च स्तरीय बैठक में पीड़ितों के बारे में चर्चा के बाद यह फैसला लिया। अभी तक इस तरह की हिंसा में मारे जाने वाले लोगों के परिवार या हिंसा में किसी व्यक्ति के स्थायी रूप से अपंग हो जाने की सूरत में मुआवजे के तौर पर सरकार की ओर से तीन लाख रुपये दिए जाते थे।
गृह मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक इस योजना के अलावा पीड़ित के परिवार को अगर कहीं और से भी मदद मिलती है, तब भी वह इस स्कीम के जरिए मुआवजा लेने का हकदार है।