‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम की सफलता को लेकर चिंतित सरकार अब अपनी पूरी ताकत के साथ इस कार्यक्रम को सफल बनाने की कवायद में जुट गई है।
यह कवायद 29 दिसंबर यानी सोमवार से शुरू हो रही है। इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी मंत्रालयों के साथ-साथ देश-विदेश के उद्योगपतियों के साथ मिलकर ‘मेक इन इंडिया’ को सफल बनाने के लिए गहन मंथन करेंगे।
मंथन के बाद संबंधित मंत्रालय ‘मेक इन इंडिया’ के लिए एक साल और तीन साल की योजना जारी करेंगे। इस कार्यक्रम में सभी राज्यों के मुख्य सचिव व प्रमुख सचिवों को भी बुलाया गया है।
‘मेक इन इंडिया’ के लिए तैयार हुए प्लान
औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) के मुताबिक सोमवार को ‘मेक इन इंडिया’ से संबंधित सभी मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी अपनी-अपनी चुनौतियों व उनके समाधान के तरीकों पर विचार विमर्श करेंगे।
इसके बाद शाम 5 से 7 बजे के बीच सभी 22 मंत्रालयों के सचिव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष ‘मेक इन इंडिया’ को लेकर अपने-अपने मंत्रालय का प्रस्तुतीकरण देंगे।
केमिकल व पेट्रोकेमिकल, खनन, स्टील, फार्मा, बायोटेक, खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन, मनोरंजन, मीडिया, टेलीकॉम उपकरण, स्मार्ट सिटी, सुरक्षा, अंतरिक्ष विज्ञान आदि क्षेत्र में मुख्य रूप से ‘मेक इन इंडिया’ को लेकर चर्चा होगी।
डीआईपीपी के मुताबिक ‘मेक इन इंडिया’ को लेकर एक साल और तीन साल के लिए तैयार योजनाओं को सोमवार को ही अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
मौके पर वित्त मंत्री व वित्त मंत्रालय के सारे आला अधिकारी भी मौजूद होंगे, इसलिए ‘मेक इन इंडिया’ के लिए बजट प्रावधान में भी कोई दिक्कत नहीं होगी। सूत्रों के मुताबिक सभी मंत्रालयों के सचिव प्रधानमंत्री को यह भी बताएंगे कि ‘मेक इन इंडिया’ से जुड़ा उनका कौन सा कार्यक्रम कितने समय में पूरा हो जाएगा।