मोदी सरकार ने सरकारी योजनाओं से नेहरू-गांधी परिवार के नाम का सफाया करना शुरू कर दिया है। यूपीए सरकार में जवाहर लाल नेहरू के नाम पर रखी गई शहरी नवीनीकरण मिशन और राजीव आवास योजना की जगह अब एक नई एकीकृत शहरी आवास योजना तैयार कर इसे सरकार पटेल के नाम पर रखने का फैसला लिया गया है।
पिछले तीन महीने में इंदिरा आवास योजना की जगह राष्ट्रीय ग्राम आवास मिशन और राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना का नाम बदलकर दीन दयाल ग्राम ज्योति योजना किया जा चुका है।
शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा है कि शहरी आवास मिशन को जल्द ही सरदार पटेल के नाम से शुरू किया जाएगा। इसके अंतर्गत 2022 तक सभी के लिए मकान देना संभव हो सकेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पद संभालते ही देश के प्रत्येक परिवार के लिए घर देने का ऐलान किया था। अब इसे साकार करने के लिए रोडमैप तैयार किया जा रहा है।
मंत्रालय ने 2022 तक तीन करोड़ मकान बनाने की उम्मीद जताई है। इनमें से अधिकांश आर्थिक रूप से कमजोर और निम्न आय वर्ग के लिए होगा। सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) के जरिए निर्माण कार्य को पूरा किया जाएगा।