गुजरात हाईकोर्ट ने शुक्रवार को राज्य के निकाय चुनावों में मतदान को अनिवार्य किए जाने संबंधी कानून को लागू करने पर रोक लगा दी। हाईकोर्ट ने कहा कि ‘मतदान का अधिकार’ अपने आप में मतदान से अलग रहने का भी अधिकार देता है।
ऐसे में इसे ‘मतदान का कर्त्तव्य’ के रूप में नहीं बदला जा सकता। अदालत गुजरात स्थानीय प्राधिकरण (संशोधन) अधिनियम - 2009, जिसमें मतदान को अनिवार्य किया गया था, को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी।