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भाजपा ने जपा नमो, पर उनके परिवार ने होंठ सिले

Sat, 14 Sep 2013 12:41 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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गुजरात के मुख्यमंत्री और भाजपा की ओर से पीएम पद का दावेदार बनाए गए नरेंद्र मोदी के लिए शुक्रवार जिंदगी के सबसे बड़े दिनों में से एक था। लेकिन उनका परिवार इस दिन चुप्पी साधे रहा।
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इस प्रमोशन के बारे में पूछने पर मोदी के बड़े भाई 70 वर्षीय सोमाभाई मोदी ने कहा, "मेरे पास कहने के लिए कुछ नहीं है। अगर मेरे पास कुछ कहने को होता और मेरे प्रतिक्रिया इतनी कीमती होती, तो मैं आश्रम में न रहता।"

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक मेहसाणा में पीडब्ल्यूडी इंस्पेक्टर के रूप में रिटायर हुए सोमाभाई वाडनगर में स्थित अपने पुश्तैनी गांव में आश्रम चलाते हैं और स्टाफ क्वार्टर के एक कमरे में रहते हैं।
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जब प्रतिक्रिया देने के लिए दबाव डाला गया, तो उन्होंने कहा, "अगर भाई के लिए कुछ अच्छा होता है, तो यह परिवार के लिए भी अच्छा है और हम खुश होंगे।"

63 वर्षीय मुख्यमंत्री को सार्वजनिक स्तर पर सिर्फ अपनी 94 वर्षीय मां हीरा बा के साथ देखा गया है। दिसंबर 2012 के विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज करने के बाद वह उनका आशीर्वाद लेने पहुंचे थे। वह मोदी के साथ नहीं रहतीं।

नवंबर 2012 में एक इंटरव्यू में सोमाभाई ने कहा था कि मोदी ने 1967 में घर छोड़ने के बाद से परिवार के साथ कोई संपर्क नहीं रखा है। उन्हें परिवार के सभी समारोह में बुलाया गया, लेकिन वह कभी नहीं आए। उन्होंने कहा था, "आखिरी बार मैं उनसे दो महीने पहले एक सार्वजनिक समारोह के दौरान मिला था।"

मोदी के चारों भाइयों में सबसे छोटे 52 वर्षीय पंकज ने भी कुछ नहीं कहा। वह गांधीनगर में सूचना विभाग में काम करते हैं। हीरा बा उन्हीं के साथ रहती हैं।

उनके एक और भाई प्रहलाद फेयर प्राइस शॉप डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष है और उन्होंने दूसरों से कुछ ज्यादा कहा। वह बोले, "मैं इस घटनाक्रम पर अभी कुछ नहीं बोल सकता। अभी कुछ साफ नहीं है और भाजपा के अंदर मतभेद हैं। मैं सब कुछ तय होने के बाद ही बोल सकता हूं। और वैसे भी मुझे भाईसाहब (नरेंद्र मोदी) से पूछना होगा, जिन्होंने अभी इस बारे में कुछ न बोलने के लिए कहा है।"
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