महाराष्ट्र और हरियाणा में अगले सप्ताह विधानसभा चुनाव हो रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पूरी कोशिश है कि भाजपा को दोनों राज्यों में बहुमत हासिल हो। वे ताबड़तोड़ चुनावी रैलियां कर रहे हैं। दूसरी ओर कांग्रेस पर हार का संकट मंडरा रहा है।
इन दोनों राज्यों के चुनाव परिणाम भारतीय राजनीति के लिहाज से बेहद अहम साबित होने वाले हैं।
नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस मुक्त भारत का नारा दिया था। जाहिर है कि वे कांग्रेस को समाप्त कर ही दम लेना चाहते थे।
कांग्रेस केंद्र की सत्ता से बाहर हो गई और लोकसभा चुनाव में उसे कुल सीटों की दस फ़ीसदी सीट भी हासिल नहीं हुई।
इसके बावजूद अब भी देश के 11 राज्यों में कांग्रेस पार्टी सत्ता में है। इनमें अरुणाचल प्रदेश, असम, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम और उत्तराखंड शामिल हैं। बीते साल कांग्रेस दिल्ली, राजस्थान और आंध्र प्रदेश में सत्ता से बाहर हुई थी।
कांग्रेस जिन राज्यों में सत्ता में हैं, उनमें पांच उत्तर पूर्व के कम आबादी वाले राज्य हैं। हरियाणा, कर्नाटक, महाराष्ट्र और केरल अहम राज्य हैं। इनमें से हरियाणा और महाराष्ट्र में अगले हफ्ते चुनाव हो रहे हैं।
अब तक महाराष्ट्र में मोदी दो दर्जन चुनावी रैलियों को संबोधित कर चुके हैं। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी इसी दौरान केवल दो चुनावी रैली में नजर आए हैं।