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दिवाली बाद खुलेंगे कालाधन वालों के नाम?

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केंद्र सरकार विदेशों में काला धन जमा करने वाले खाताधारकों के नाम सार्वजनिक कर सकती है। हालांकि सरकार सभी खाताधारकों के बजाय चुनिंदा खाताधारकों का नाम ही सार्वजनिक करेगी। अंग्रेजी दैनिक इंडियन एक्सप्रेस का कहना है सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी कैबिनेट के सदस्यों को ये जानकारी दी है।
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अखबार का कहना है कि प्रधानमंत्री ने सोमवार को मंत्रिमंडल के सदस्यों को दिए रात्रिभोज में कहा कि सरकार विदेशों में काला धन रखने वाले कुछ सदस्यों के नाम सुप्रीम कोर्ट को बता सकती है। सरकार सुप्रीम कोर्ट को ये जानकारी दिवाली की छुट्टियों के बाद देगी।

उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि वह विदेशी बैंकों में काला धन जमा करने वाले खाताधारकों के बारे में हर जानकारी सार्वजनिक नहीं कर सकती है। जिसके बाद कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार की तीखी आलोचना की थी। सोशल मीडिया पर भी सरकार की काफी किरकिरी हुई थी।
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लोकसभा चुनाव में भाजपा ने काले धन के मुद्दे को जोरशोर से उठाया था। पार्टी ने अपने घोषणापत्र में कहा था कि यदि उसकी सरकार बानी तो वे विदेशों में जमा काले धन को वापस लाएगी।
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पहले नाम बताने से ‌किया था इनकार

अंग्रेजी दैनिक इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने सोमवार को मंत्रिमंडल के सदस्यों से कहा, 'कुछ नाम बताएंगे।'‌ पिछले सप्ताह केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि विदेशों में कालाधन जमा करने वालों के नाम सार्वजनिक करने से संबंधित देशों के साथ हुए दोहरे कराधान समझौतों का उल्लंघन होगा।

सरकार ने कहा था कि समझौता करने वाले देशों ने सूचना को सार्वजनिक करने का विरोध किया है और ऐसा करने पर कोई भी देश भारत के साथ समझौता नहीं करेगा।

हालांकि चौतरफा विरोध के बाद वित्‍तमंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि राजग सरकार खाताधारकों के नाम समेत सभी सूचनाएं सार्वज‌निक करेगी। हालांकि ये उन्हीं मामलो मे किया जाएगा, जिनमें भारत द्वारा स्वतंत्र जांच पूरी हो चुका है और सभी सबूत इकट्ठा हो चुके हैं।

सुप्रीम कोर्ट मे काला धन मामले की अगली सुनवाई 28 अक्तूबर को होगी। सुप्रीम कोर्ट ने काला धन वापस लाने के मामले में वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी की याचिका पर सेवानिवृत्त जज एमबी शाह के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया था।
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