समाजसेवी अन्ना हजारे ने बेबाक कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को मुझसे एलर्जी है। क्योंकि मैंने हमेशा उनकी सरकारों के गलत कार्यों का विरोध किया है। प्रधानमंत्री के दिमाग में तो उद्योगपति बैठे हैं। केंद्र सरकार किसानों की जमीन को जबरदस्ती छीनकर उद्योगपतियों को देना चाहती है। भूमि अध्यादेश लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है।
अन्ना हजारे गुरुवार को बिजनौर स्थित आरवी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी (आरवीआईटी) के वार्षिकोत्सव पर आयोजित भावी भारत कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। उन्होंने कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार आने के बाद उद्योगपतियों के ही अच्छे दिन आए हैं। कांग्रेस सरकार में 2013 में भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन के समय भाजपा भी संसद में मौजूद थी। भाजपा के सांसदों ने इस कानून का उस समय कोई विरोध नहीं किया। फिर अब कानून में बदलाव क्यों किया जा रहा है। अध्यादेश लाने से पहले संसद में चर्चा होनी चाहिए थी।
अन्ना ने कहा कि उन्होंने सरकार के हर गलत कार्य का विरोध किया है, इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी को उनसे एलर्जी है। अध्यादेश के खिलाफ दिल्ली में आंदोलन चला, लेकिन केंद्र सरकार ने उनसे कोई राय नहीं मांगी है। किसान विरोधी इस अध्यादेश के खिलाफ उनकी टीम हर जिले एवं ब्लॉक स्तर पर जेल भरो आंदोलन चलाएगी। काले धन पर कहा कि भाजपा सौ दिन में काला धन वापस लाने में नाकाम साबित हुई। लोकपाल कानून पर राष्ट्रपति के हस्ताक्षर होने के बाद भी केंद्र सरकार इसे लागू नहीं कर रही है। केंद्र में भाजपा की सरकार को नौ महीने हो चुके हैं, लेकिन जनहित में कोई कार्य नहीं हुआ।