मुरादाबाद के शहर विधायक यूसुफ अंसारी के आफिस पर पहुंची भीड़ ने पथराव और तोड़फोड़ कर दिया। भीड़ का आरोप था कि मदरसा भूमि का कुछ हिस्सा बेच दिया गया है। इस पर काफी देर तक बवाल रहा।
इसी दौरान यहां पहुंचे विधायक समर्थक और आक्रोशित लोगों के बीच भी संघर्ष हो गया। एक दूसरे पर पत्थर फेंके गए। बवाल बढ़ने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए थे। किसी तरह से भीड़ को शांत किया गया। दरअसल यह पूरा मामला जामिया अरबिया हयात-ए-उलूम से जुड़ा है।
हाईवे किनारे मंगूपुरा में स्थित है यह संपत्ति। इसकी बाकायदा एक कमेटी भी बनी हुई जिसमें करीब 19 लोग शामिल हैं। इस संपत्ति को लेकर कुछ मामले कोर्ट में भी चल रहे हैं। प्राधिकरण से भी विवाद है। हालांकि हल्ला तो पिछले कई रोज से मच रहा था लेकिन शनिवार की दोपहर को विवाद उस वक्त बढ़ा जब पिछले कई रोज से चले आ रहे आरोप प्रत्यारोप को खत्म करने के लिए पीरजादा में मीटिंग बुलाई गई। यहां लोगों का कहना था कि कमेटी के सदस्यों ने मदरसे की कुछ जमीन को बेच दिया।
यह पूरे वर्ग की संपत्ति है और इसे बेचा नहीं जा सकता। शहर विधायक यूसुफ अंसारी पर आरोप लगने लगे। यहां पहुंची भीड़ ने विधायक के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसी दौरान गुस्साई भीड़ निकलकर विधायक के इंदिरा चौक पर स्थित आफिस पर पहुंच गई और तोड़फोड़ शुरू कर दी। क्योंकि यहां निर्माण कार्य भी चल रहा है और मजदूर मौजूद थे। भीड़ ने मजदूरों को भगा दिया। इसी दौरान विधायक समर्थक भी पहुंच गए थे। यहां संघर्ष की स्थिति बन गई।
दोनों तरफ से एक दूसरे पर पत्थर फेंके जाने लगे। विधायक के आवास पर भी भीड़ पहुंच गई थी। भीड़ ने कमेटी के दूसरे सदस्यों के घरों पर भी तोड़फोड़ की। मदरसा प्रबंधक लाजपतनगर निवासी तंजीम उर रहमान के आवास पर भी भीड़ पहुंच गई और यहां तोड़फोड़ की गई।