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मनरेगा के भ्रष्टाचारियों पर कसेगा शिकंजा

Tue, 26 Nov 2013 12:52 AM IST
विजय गुप्ता/अमर उजाला, दिल्ली
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फर्जी काम और फर्जी भुगतान करके मनरेगा के पैसे को डकारने वाले अब बच नहीं पाएंगे।
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मनरेगा में भ्रष्टाचार करने वालों पर केंद्र सरकार सीधे कार्रवाई करेगा। इसके तहत आरोपियों से भ्रष्टाचार के तहत हड़प की गई रकम की वसूली की जाएगी।

खास बात यह है कि रकम वसूली के लिए यदि राज्य सरकार आनाकानी करती है तो केंद्र न सिर्फ सीधे रकम वसूली करेगा बल्कि दोषियों को कानूनी सजा भी देगा।

ग्रामीण विकास मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मनरेगा में भ्रष्टाचार की शिकायत और जांच के बाद मामला सही पाए जाने के बाद भी अभी तक कार्रवाई के लिए केंद्र को राज्य सरकार पर निर्भर रहना पड़ता है।

हालांकि केंद्र सरकार कई दफा भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए राज्यों को जारी होने वाले फंड को कुछ समय तक के लिए रोक देता है। लेकिन यह कार्यवाही मामले का हल नहीं है क्योंकि इससे मनरेगा कामगारों को काम मिलना ही बंद हो जाता है। राज्यों को केंद्र पर राजनीतिक हमला करने का मौका भी मिल जाता है।
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मनरेगा कामगारों के हितों पर किसी तरह का प्रभाव न पड़े। इसलिए केंद्र सरकार ने भ्रष्टाचार से निपटने के लिए फंड की वसूली का रास्ता निकाला है।

हाल ही में हुए प्रोग्राम एडवाइजरी ग्रुप (पीएजी) ने ग्रामीण विकास मंत्रालय को मनरेगा के फंड का दुरुपयोग किए जाने वालों पर सीधे कार्रवाई की सिफारिश की है। इसके तहत जहां भी मनरेगा फंड का गलत इस्तेमाल हुआ। वहां पर इसके लिए दोषी व्यक्ति पर सीधे कार्रवाई करते हुए उस रकम की वसूली की जाएगी। साथ ही उस पर सरकारी रकम के गबन आदि का मुकदमा भी चलाया जाएगा।

गौरतलब है कि पिछले सात वर्षों में केंद्र सरकार ग्रामीण गरीबों के रोजगार की इस सबसे बड़ी मनरेगा योजना पर 2.60 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च कर चुकी है। लेकिन इतनी बड़ी खर्च राशि में 40 फीसदी से ज्यादा रकम का राज्यों के पास कोई लेखाजोखा नहीं है।
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पिछले वर्ष सीएजी ने भी अपनी रिपोर्ट में मनरेगा के फंड में बड़े पैमाने पर हुए गोलमाल का खुलासा किया था। इसके बाद केंद्र ने राज्यों को आवश्यक कदम उठाने के लिए कहा था। लेकिन किसी भी राज्य ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। जिसके कारण केंद्र ने सीधे कार्रवाई का रास्ता निकाला है।
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