चारा घोटाला मामले में पांच साल कैद की सजा काट रहे राष्ट्रीय जनता दल के मुखिया लालू प्रसाद यादव ने जमानत के लिए सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई।
सर्वोच्च अदालत उनकी याचिका पर 29 नवंबर को सुनवाई करेगी।
चीफ जस्टिस पी. सदाशिवम की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष लालू की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता पीएच पारिख ने जमानत की मांग की। पीठ ने कहा कि अदालत इस मसले पर शुक्रवार को सुनवाई करेगी।
मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद संसद सदस्यता खो चुके लालू ने जमानत आवेदन खारिज किए जाने के झारखंड हाईकोर्ट के आदेश को सर्वोच्च अदालत में चुनौती दी है।
लालू के अलावा बिहार के एक अन्य पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा समेत 43 अन्य को 30 सितंबर को सीबीआई की विशेष अदालत ने चारा घोटाले से संबंधित चाईबासा कोषागार से फर्जी तरीके से पैसा निकालने के मामले में दोषी ठहराया था।
यह राशि राजद शासन के दौरान निकाली गई थी। सीबीआई अदालत ने दोषियों को 3 अक्तूबर को अलग-अलग सजा सुनाई थी।
गौरतलब है कि चाईबासा ट्रेजरी से 1990 के दौरान कथित रूप से छल से 37.7 करोड़ रुपये निकाले गए थे। इस मामले में बिहार सरकार ने फरवरी, 1993 में प्राथमिकी दर्ज की थी। लेकिन बाद में इसे सीबीआई को सौंप दिया गया था।
जांच एजेंसी ने एक साल की जांच के बाद 1997 में आरोपपत्र दायर किया था। इस मामले में सन 2000 में अभियोग निर्धारित हुए थे जिसके बाद विशेष अदालत ने लालू और 44 अन्य अभियुक्तों के खिलाफ सुनवाई शुरू की थी।