देश के किसी न किसी कोने से आए दिन बलात्कार की खबरें आती रहती हैं। कुछ मामलों में आरोपी को गिरफ्तार कर पीड़िता को जल्द से जल्द मुआवजा भी दे दिया जाता है। लेकिन यह मामला कुछ अलग है।
केंद्र सरकार ने उन दो मिजो महिलाओं को मुआवजा देने में 47 साल का लंबा वक्त लगा दिया, जिनसे सैनिकों ने कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया था।
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक 1966 से 1986 के बीच भारतीय सेना से गुरिल्ला युद्ध लड़ने वाली मिजो नेशनल फ्रंट की सशस्त्र इकाई मिजो नेशनल आर्मी ने गृह मंत्रालय के अधिकारियों के साथ लॉबिंग कर इन महिलाओं के लिए मुआवजे का इंतजाम कराया।
आधिकारिक सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि मंत्रालय के शीर्ष स्तर से क्लीरयेंस मिलने के बाद सीक्रेट फंड से यह पैसा जारी किया गया। हालांकि, अधिकारियों ने इस मामले में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
इनमें से एक महिला के भाई जे ललदुला साइलो ने कहा, 'जब मुझे बैंक अधिकारियों की तरफ से इस बारे में जानकारी मिली, तो मैं रो पड़ा। मैंने तुरंत अपनी बहन को गले से लगाया और कहा कि इतने साल दर्द सहने के बाद ईश्वर ने कुछ अच्छा किया है।'