रिक्शा चालकों व ईंट भट्टा श्रमिकों से लेकर तेंदूपत्ता मजदूरों को पार्टी से जोड़ने की पहल के बाद भाजपा अब देशभर के हॉकरों के बीच भी जा रही है। लगभग हाशिए पर पड़े इसी तरह के विभिन्न वर्गों व असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को पार्टी से जोड़कर भाजपा अपने जनाधार को बढ़ाने की कोशिश में लगी है।
लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी भाजपा की वह कवायद अपने ‘मिशन दस फीसदी वोट’ बैंक बढ़ाने के लक्ष्य को पाने के लिए हो रही है। समय से पहले लोकसभा चुनाव की आहट के मद्देनजर भाजपा ने अपने सभी फ्रंटल संगठनों को सक्रिय कर दिया है। भाजपा के छह मोर्चे और 45 सेल हैं। इनके अलावा अब असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को जोड़ने के लिए भारतीय जनता मजदूर महासंघ को इकाई के तौर पर गठित किया गया है। पार्टी के ये सभी मोर्चे व सेल पिछले कई दिनों से कार्यक्रम व सम्मेलन करने में जुटे हैं।
पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी लगातार कहते रहे हैं कि दिल्ली की सत्ता पाने के लिए भाजपा को अपने वोट बैंक में कम से कम 10 फीसदी की बढ़ोतरी करनी होगी। यदि ऐसा हो जाता है तो कांग्रेस को हराना कठिन नहीं होगा। इसी उद्देश्य से भाजपा ने हाल में भारतीय जनता मजदूर महासंघ का गठन किया। इसमें रिक्शा चालक, जंगलों से वन उत्पाद एकत्रित करने वालों से लेकर विभिन्न तरह के मजदूर शामिल हैं। यह महासंघ दिल्ली में एक सफल रैली भी कर चुका है।
इसी तरह पहली बार समाचार पत्रों से जुड़े हॉकरों को भी भाजपा पार्टी से सीधे जोड़ने जा रही है। भाजयुमो गुवाहाटी से तवांग तक शहीद श्रद्धांजलि यात्रा निकालने जा रहा है, जबकि महिला मोर्चा घरेलू गैस सिलेंडरों के मसले पर केंद्र सरकार के खिलाफ ताल ठोक रहा है। अल्पसंख्यकों में घुसपैठ के लिए इस समाज की महिलाओं को जोड़ने की कोशिश हो रही है। पार्टी ने बाकी सभी मोर्चों व सेल को भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।