जिस लड़के की मौत की खबर को लेकर बिहार का मधुबनी जिला कई दिनों तक जलता रहा, हिंसा पर उतारू लोगों ने कई थाने और दफ्तर फूंक दिए, दो लोगों ने अपनी जानें गवां दी और कई ने गोलियों के जख्म झेले और अधिकारियों से लेकर सरकार तक की सांसें फूली रहीं, वह युवक खुद दिल्ली से लेकर दार्जिलिंग तक इश्क फरमा रहा था। सोमवार को उसे उसकी प्रेमिका के साथ दबोच लिया गया। वे दोनों घर से भाग कर कई जगह घूमते हुए दिल्ली आ गए थे।
बिहार के पुलिस महानिदेशक अभयानंद ने बताया कि प्रशांत कुमार झा (17) अपनी प्रेमिका प्रीति चौधरी के साथ पिछले महीने मधुबनी स्थित घर से भाग निकला था। वह दोनों दिल्ली में मिल गए हैं। उन्होंने बताया कि महरौली थाने के इंस्पेक्टर ने प्रशांत और प्रीति की उनसे बात भी कराई है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक ये दोनों महरौली में एक दुकान से कुछ सामान खरीद रहे थे, वहीं बिहार के किसी व्यक्ति ने उन्हें देखकर पहचान लिया। उसने उनकी तस्वीरें टीवी और अखबारों में देखी थीं। उसने इसकी जानकारी महरौली पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया।
मधुबनी में पिछले सप्ताह एक शव मिलने के बाद प्रशांत को मृत माना जा रहा था। प्रशांत के माता-पिता इस शव को अपने बेटे का बताते हुए उस पर दावा भी कर रहे थे। हालांकि पुलिस के शव सौंपने से इनकार के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा भड़क उठा जिसके बाद हुई जबरदस्त हिंसा हुई और पुलिस फायरिंग में दो लोगों की जान भी चली गई और कई घायल हो गए।
अभयानंद ने बताया कि प्रशांत मधुबनी के इंडियन पब्लिक स्कूल का छात्र है और प्रीति शिक्षा विभाग में पूर्व जिला परियोजना अधिकारी की बेटी है। वे दोनों 7 सितंबर को घर से भाग गए थे। इसके बाद वे रांची, जम्मू और दार्जिलिंग समेत कई जगह गए। फिर उन्होंने मुजफ्फरपुर से दिल्ली की ट्रेन पकड़ी। दोनों को लाने के लिए जल्दी ही बिहार पुलिस की टीम दिल्ली भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि अब साफ है कि वह शव किसी और का था। मालूम हो कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भीड़ पर फायरिंग की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं, जबकि प्रशांत को अगवा किए जाने की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी।
लालू, पासवान का बंद
प्रशांत की मौत की खबर फैलने के बाद भड़की हिंसा को लेकर राजद, लोजपा, कांग्रेस और लेफ्ट ने सोमवार को राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था का आरोप लगाते हुए बंद का आह्वान किया। बंद के दौरान राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद और लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान समेत 3000 लोगों को हिरासत में लिया गया। प्रदर्शनकारियों ने कई जगह रेल और सड़क यातायात को भी बाधित किया।