बिहार में मिड डे मिल खाने से 23 बच्चों की मौत के मामले की जांच कर रहे राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने अपनी शुरुआती जांच में भोजन में खाद जैसे किसी विषाक्त के मिलने से मृत्यु की आशंका जाहिर की है। जबकि विद्यालय की व्यवस्था और रखरखाव पर भी कई सवाल उठाए गए हैं।
हालांकि अब तक राज्य आयोग की पूरी रिपोर्ट तैयार नहीं हो सकी है। लेकिन इस हफ्ते के अंत तक यह रिपोर्ट राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) को सौंपी जा सकती है।
एनसीपीसीआर की अध्यक्ष कुशल सिंह ने बताया कि अब तक राज्य आयोग की रिपोर्ट नहीं मिल पाई है। पिछले हफ्ते इस संदर्भ में यथाशीघ्र रिपोर्ट पेश करने के निर्देश राज्य आयोग को दिए गए थे। लेकिन अब तक उनकी पड़ताल पूरी नहीं हो सकी है।
सूत्रों के मुताबिक राज्य आयोग यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि मिड डे मील जहरीला कैसे हुआ? क्या खाना बनाने में कोई गड़बड़ी हुई थी या बाद में किसी तरह की मिलावट हुई?
आयोग अपनी रिपोर्ट में यह भी उजागर करना चाहता है कि इस हादसे से इलाके के बच्चों और शोकाकुल परिजनों पर कितना गंभीर असर पड़ा है। आगे किस तरह के कदम उठाएं जाएं ताकि इस तरह की वारदात फिर से न हो।
कुशल सिंह ने कहा कि राज्य से जल्द रिपोर्ट नहीं आती है तो एनसीपीसीआर इस संदर्भ में पत्र लिखकर उन्हें अपनी जांच-पड़ताल का ब्यौरा सौंपने को कहेगा।
साजिश की बात से शरद ने किया किनारा
इधर जदयू अध्यक्ष शरद यादव ने बिहार में बीते दिनों हुए मिड डे मील हादसे पर अपनी ही पार्टी के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बयान से दूरी बना ली है।
उन्होंने एक तरह से नसीहत देते हुए कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही कोई निष्कर्ष निकाला जाना चाहिए। नीतीश के साथ ही राज्य सरकार के एक मंत्री ने इस मामले में साजिश का आरोप लगाया है।
हालांकि इस दौरान शरद ने नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन के उस टिप्पणी का स्वागत किया, जिसमें उन्होंने कहा है कि भारतीय होने के नाते वह नहीं चाहते कि मोदी देश के प्रधानमंत्री बनें।
शरद ने मोदी पर तीखा हमला करते हुए उन्हें भाजपा-जदयू गठबंधन टूटने का जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि मोदी के आगे आने से यूपीए सरकार से जुड़े भ्रष्टाचार और महंगाई जैसे मुद्दे गौण हो गए हैं।
मिड डे मील संबंधी नीतीश के बयान पर शरद ने कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें नीतीश या किसी मंत्री के इस संबंध में दिए गए किसी बयान की जानकारी नहीं है।
बहरहाल शरद ने बयान से किनारा कर पार्टी में मतभेद होने के साफ संकेत दे दिए हैं। हालांकि इस दौरान शरद ने इस हादसे पर राज्य सरकार का यह कहते हुए बचाव किया कि कोई भी सरकार ऐसे हादसों पर कुछ नहीं कर सकती।
मीडिया से बातचीत के दौरान पार्टी अध्यक्ष ने सेन की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह सही है कि मोदी ने अल्पसंख्यकों में सुरक्षा की भावना कायम करने में रुचि नहीं दिखाई।