गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पिछले सप्ताह लोकसभा में कश्मीर के कट्टर अलगाववादी नेता मसर्रत आलम की रिहाई की आलोचना की थी, जबकि अब उन्हीं के मंत्रालय ने रिहाई के फैसले को सही ठहराया है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा है कि मसर्रत की रिहाई के दस्तावेज को बारीकी से देखने से पता चलता है कि उसकी रिहाई कानूनी रूप से सही है। पीडीपी सरकार ने बहुत दिनों से रुके एक फैसले को केवल अमल में लाया। अधिकारियों का कहना है कि मसर्रत आलम छह महीने से गैरकानूनी ढंग से हिरासत में था।
गृहमंत्रालय के अधिकारी ने एक अंग्रेजी अखबार को बताया कि मसर्रत को पिछले सितंबर से गैरकानूनी ढंग से हिरासत में रखा गया था। अधिकारी ने कहा, 'मंत्रालय यही उम्मीद करता है मसर्रत गैर कानूनी हिरासत के मामले में सुप्रीम कोर्ट में अपील नहीं करेगा।