केंद्रीय महिला एवं बाल कल्याण मंत्री मेनका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों की सार्वजनिक रूप से आलोचना की है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट में कटौती के चलते देश के मुख्य कार्यक्रम बाल कुपोषण के खिलाफ संघर्ष को झटका लगा है।
केंद्र के इस कदम से हजारों स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को मेहनताना देने में मुश्किल आएगी। मेनका संभवत: पहली ऐसी केंद्रीय मंत्री हैं जिन्होंने पीएम मोदी की किसी नीति को लेकर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी की है।
मोदी सरकार ने फरवरी में आर्थिक सुधार की गति को तेज करने के तहत बुनियादी सुविधाओं के खर्च को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सामाजिक क्षेत्र के बजट को घटा दिया था। साथ ही राज्य सरकारों से नई दिल्ली से मिलने वाले फेडरल टैक्सों के बड़े हिस्से इस घाटे (गैप) को पूरा करने को कहा था।