जब से कांग्रेस ने मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट से सिने तारिका नगमा को टिकट दिया है तब से लोग नगमा के नाम के राज को जानने को बेताब हैं।
नाम से लगता है कि नगमा मुस्लिम हैं। लेकिन नाम से धोखा मत खाइए। नगमा हिंदू हैं और गुजरात से ताल्लुक रखती हैं। नगमा का असली नाम नंदिता मोरारजी हैं। 40 साल की नगमा के पिता हिंदू हैं और उनकी मां मुस्लिम हैं।
आपको जानकर ताज्जुब होगा कि नगमा ने अब तक नौ भाषाओं में फिल्मों में काम किया है। हिंदी सिनेमा में उनका डेब्यू सलमान खान की फिल्म 'बागी' से हुआ। नगमा ने दक्षिण की भी कई फिल्मों में काम किया है।
कांग्रेस की सियासी पारी
यूं तो नगमा काफी सालों से कांग्रेस के लिए काम कर रही थी। लेकिन टिकट उन्हें पहली बार दिया गया है। हांलाकि, 2009 में उन्हें टिकट देने पर विचार हुआ, लेकिन इस पर अमल नहीं हो पाया।
दरअसल, नगमा प्रोग्रेसिव विचार तो रखती हैं लेकिन प्रवक्ता शैली का अभाव है। गुजरात की नगमा के लिए मेरठ बिलकुल नया क्षेत्र है। लिहाजा उन्हें पैराशूट प्रत्याशी कहा जा रहा है।
भाजपा दावा कर रही है कि नगमा राजनीति के मैदान में बच्ची हैं। उन्हें मेरठ की जमीनी हकीकत का अंदाजा नहीं है।
काम आएगा ग्लैमर का तड़का?
उधर कांग्रेस को उम्मीद है कि सिनेमाई ग्लैमर का तड़का मेरठ की सीट कांग्रेस को दिला सकता है। नगमा की धर्मनिरपेक्ष छवि कांग्रेस को हिंदू और मुसलमान, दोनों से वोट दिला सकती है।
इसके अलावा मेरठ का युवा वर्ग की नगमा के ग्लैमर से बंधा चला आएगा। मेरठ के समीकरण बताते हैं कि यहां मुसलमान और वैश्य बहुल इलाके मतदान के दौरान सक्रिय रहते है। ऐसे में नगमा को उतारने से पहले कांग्रेस ने कई और नामों पर विचार किया। इनमे वैश्य बिरादरी से ताल्लुक रखने वाले दयानंद गुप्ता का नाम प्रमुख था।
वहीं सिटिंग एमपी राजेंद्र अग्रवाल भी अपना दावा ठोक रहे थे। मुजफ्फरनगर दंगों से झुलसे मेरठ में एक धर्मनिरपेक्ष अदाकारा को टिकट मिलना कितना खुशगवार होगा, ये तो वक्त ही बताएगा।