प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि आतंकवादी होने के नाम पर निर्दोष अल्पसंख्यकों की गिरफ्तारी रोकने तथा उनको न्याय दिलाने और पुनर्वास की व्यवस्था हेतु एक ठोस तंत्र स्थापित किया जाएगा। पीएम ने यह आश्वासन सोमवार को एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल को दिया, जो लोक जन शक्ति पार्टी के राम विलास पासवान के नेतृत्व में उनसे मिलने पहुंचा था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वह गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे से बात कर एक समय सीमा के अंदर इस तरह का तंत्र तैयार करने के लिए कहेंगे। प्रतिनिधिमंडल ने इस बात पर चिंता जताई कि आतंकवादी होने के नाम पर देश के विभिन्न भागों में मुस्लिम युवाओं को गिरफ्तार कर लिया जाता है और सालों तक जेल में रखा जाता है।
अदालत द्वारा उन्हें निर्दोष साबित कर देने के बावजूद उनके पुनर्वास और रोजगार की व्यवस्था नहीं की जाती। प्रतिनिधिमंडल ने इसके लिये योजना बनाने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में पासवान, सपा के राम गोपाल यादव, माकपा के सीताराम येचुरी, भाकपा के डी. राजा, कांग्रेस के मणिशंकर अय्यर, राजद के प्रेमचंद गुप्ता, एनसीपी के डीपी त्रिपाठी, जद-यू के शिवानंद तिवारी, बसपा के शफिक उर रहमान व अन्य नेता शामिल थे।