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गाजियाबाद के साजिद के सामने गईं सैकड़ों जानें

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मक्का में हुए इस हादसे के दौरान उत्तर प्रदेश स्थित गाजियाबाद के सपा जिलाध्यक्ष साजिद हुसैन घटनास्थल से चंद कदम दूर थे। उनके साथ करीब 70 और लोग थे। इस दौरान उन्होंने मक्का हादसे का आंखों देखा हाल बयान किया।
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हुसैन ने अपने आंखे के सामने हुए हादसे की दास्तान सुनाते हुए कहा, ‘शैतान को पत्थर मारने का समय 12 बजे खत्म होने वाला था। इसी के चलते जल्दबाजी में भीड़ एक-दूसरे को धक्का देकर आगे बढ़ती चली गई। भीड़ के रेले और चीख-पुकार के बीच काफी देर तक पता ही नहीं चला कि हुआ क्या है?

‘ईद-उल-अजहा आज ही थी। इसके चलते शैतान को पत्थर मारने का समय दोपहर 12 बजे तक का रखा गया था। मीना मस्जिद से वापस आकर हम लोग मक्का मस्जिद के पास एक ओर खड़े हो गए। लेकिन हमें क्या पता था वहां का मंजर इतनी जल्दी बदल जाएगा।
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आगे क्या हुआ?

हुसैन के मुताबिक करीब 10.15 बजे (भारतीय समयानुसार दोपहर करीब 12.45 बजे) अचानक शोर मचना शुरू हुआ और भीड़ का रेला आया। चीख-चिल्लाहट शुरू हो गई और भगदड़ मच गई। हम लोग और किनारे को हो गए। लोग भागते हुए एक-दूसरे पर गिरते जा रहे थे।

काफी देर तक कुछ समझ ही नहीं आया। लाखों लोगों की भीड़ के शोर में कुछ पता नहीं लग रहा था। साजिद हुसैन ने बताया कि इसके बाद सुरक्षा कर्मी और एंबुलेंस के पहुंचने पर घायलों को निकालने का काम शुरू हुआ। पहले मैंने अपने घर पर खैरियत बताने के लिए बातें कीं। इसके बाद भारतीय हाजियों के लिए लगे काउंटर पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।

करीब एक घंटे बाद दोबारा से रस्म शुरू हो गई। अफरातफरी थमने के बाद अफसरों ने जानकारी देनी शुरू की। राहत शिविरों और अस्पतालों में अपनों का पता लगाने के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही। भारत के डॉक्टर और अफसर भी मौके पर मौजूद थे।
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