जैन धर्म के पर्यूषण पर्व के मौके पर मुंबई में मांस की बिक्री पर लगा चार दिन का प्रतिबंध सियासी रंग लेने लगा है। महाराष्ट्र की सत्ता पर काबिज भाजपा ने कहा है कि मांस की की बिक्री पर आठ दिनों के लिए प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए था। जबकि उसकी सहयोगी शिवसेना ने प्रतिबंध का विरोध किया है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने भी मांस की बिक्र पर लगी रोक का विरोध किया है।
उल्लेखनीय है कि भाजपा के दो विधायकों राज पुरोहित और अतुल बाथालकर की मांग के बाद मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने पर्यूषण पर्व मांस की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया था। सोमवार को जारी एक परिपत्र में कहा गया था कि मुंबई का देवनार स्लटर हाउस और शहर के अन्य मांस की दुकाने चार दिनों तक बंद रहेंगी।
हालांकि प्रतिबंध का विरोध होने के बाद मुंबई नगर निगम के अधिकारियों ने कहा कि मुंबई में पर्यूषण पर्व के मौके पर मांस की बिक्री पर रोक पहली बार नहीं लगी है। जबकि भाजपा नेता और राज्य सरकार में मंत्री प्रकाश मेहता ने कहा कि आठ दिनों का प्रतिबंध लगना चाहिए, न कि चार दिनों का। उन्होंने कहा कि दूसरे समुदायों को भी हमारी भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।
एमएनएस बोली, बैन का होगा उल्लंघन
हालांकि शिवसेना ने मुंबई नगर निगम के फैसले का विरोध किया। शिवसेना के सासंद संजय राउत ने कहा कि, 'जैनियों ये अधिकारा किसने दिया कि वे ये तय करें कि दूसरे क्या खाएं-पिएं।'
उन्होंने कहा कि बहुसंख्यक भारतीय मांसाहारी हैं और उनके अधिकारों का हनन नहीं होना चाहिए। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने फैसले का विरोध करते हुए कहा है कि वे इसका उल्लंघन करेगी। एमएनएस के संदीप देशपांडे ने कहा, 'बीएमसी के फैसले का पालन नहीं होने दिया जाएगा। बीएमसी को चुनौती है कि वह दुकानें बंद कराकर दिखाए।'
उन्होंने कहा कि सरकार नागरिकों पर खानपान को तौरतरीका नहीं थोप सकती। मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष संजय निरुपम ने कहा कि बकरीद पर मुस्लिम भैंस की कुर्बानी देते हैं। क्या सरकार उनकी धार्मिक भावनाओं का खयाल रखते हुए उन्हें भी कुर्बानी की इजाजत देगी?
मछुवारा समुदाय भी फैसले की खिलाफ
मुंबई में मांस की बिक्री का विरोध एमआईएम नेता असदुद्दीन आवैसी ने भी किया है। बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि मांस की बिक्री पर बैन कानूनी प्रक्रिया के तहत की लगाया गया है। साल में कुल 18 दिन ऐसे हैं जब देश, किसी व्यक्ति या समुदाय के सम्मान में मांस की प्रतिबंध लगाया जाता है।
उन्होंने कहा कि यदि आदेश का उल्लंघन किया जाएगा तो कार्रवाइ होगी। हालांकि बीएमसी के आदेश के बाद भी इंडिया होटल एसोसिएशन ऑफ रेस्टोरेंट ने पर्यूषण पर्व के दौरान भी अपने रेस्टोरेंट्स में मांस की बिक्री जारी रखने की घोषणा की है। मछुवारा समुदाय ने भी कहा है कि वे मछली की बिक्री जारी रखेगा।
जैन समुदाय का पर्यूषण पर्व 10 सितंबर से शुरु हो रहा है।