प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पर तमिलनाडु की जनता को धोखा देने का आरोप लगाते हुए वाइको के नेतृत्व वाली एमडीएमके एनडीए से अलग हो गई है।
वाइको ने कहा कि पड़ोसी देश श्रीलंका की सरकार का सहयोग कर और तमिलनाडु में हिंदुत्व का एजेंडा लागू कर भाजपा ने धोखा दिया है। एमडीएमके ने एनडीए छोड़ने का फैसला भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की होने वाली रैली से कुछ दिन पहले किया है।
पार्टी की एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में वाइको ने हालांकि अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व की पूर्व एनडीए सरकार की सराहना की। उन्होंने कहा कि हम एनडीए छोड़कर काफी खुश हैं, हालांकि लोकसभा चुनाव से पहले गठबंधन में शामिल होने को लेकर भी हमें कोई पछतावा नहीं है।
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की जनता के हित में काम करने के लिए हम एनडीए में शामिल हुए थे। लेकिन उन्होंने हमें धोखा दिया है। उन्होंने कहा कि मुल्लापेरियार बांध सहित तमिलनाडु की जनता से जुड़े कई मुद्दों पर भाजपा ने नेतृत्व वाला गठबंधन बेहद असंवेदनशील है। हालांकि, भाजपा ने एनडीए से एमडीएमके के बाहर होने को तवज्जो नहीं दी है।
तमिलनाडु भाजपा की प्रमुख तमिझिसाई सुंदरराजन ने कहा कि जब वाइको प्रधानमंत्री की आलोचना कर रहे थे तो हमने उनसे ऐसा नहीं करने को कहा था। फिर भी वे नहीं माने तो हमने लगने लगा कि कुछ तो गड़बड़ है। अब हमारी आशंका सही साबित हुई है।