मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने चुनावी सभाओं में न सिर्फ गुजरात मॉडल और मोदी को परिभाषित करने वाले अपने वक्तव्य दोहराए बल्कि बसपा मुखिया मायावती के साथ रिश्ते जोड़ने की पुरानी शैली भी कायम रखी। उन्होंने कहा, ‘हमने उन्हें बुआ कहा, तो वे मुझे ललुआ कहने लगीं। हमारे यहां ललुआ भाई के बेटे को कहते है, अब हम उन्हें फुआ कहेंगे।’
शनिवार को खलीलाबाद में सपा प्रत्याशी भालचंद यादव और सिद्धार्थनगर में माता प्रसाद पांडेय के पक्ष में चुनावी सभा कर रहे मुख्यमंत्री ने न सिर्फ हमेशा की तरह भाजपा और बसपा को निशाने पर रखा बल्कि मॉडल ऑफ डिवाइडेड इंडिया बोलकर मोदी की अपने शब्दों में परिभाषा दोहराई बल्कि एक बार फिर गुजरात मॉडल को विकास की जगह देश को बांटने वाला मॉडल बताया।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का कहना है कि विकास के लिए 56 इंच का सीना नहीं दरियादिली चाहिए। यूपी में इसी नजरिए से विकास किया जा रहा है।