आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए भ्रष्टाचार के कथित आरोपों को लेकर उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती सतर्क हो गईं हैं। उन्होंने खुद और अपने परिवार सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता सतीश चंद्र मिश्र पर लगे कथित आरोपों को भी गलत बताते हुए सफाई पेश की है।
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि लोकसभा चुनाव नजदीक आते ही विरोधी उनके खिलाफ साजिश रचकर उनकी छवि खराब कर रहे हैं। उनके परिवार ने खुद अपनी मेहनत से पूंजी इकट्ठी की है। उनके मुख्यमंत्री रहते हुए उनके परिवार को लाभ पहुंचाने की बात बिल्कुल गलत है।
दरअसल, मायावती से एक अंग्रेजी अखबार ने उनके परिवार से संबंधित कथित अनियमितताओं को लेकर खबर पर स्पष्टीकरण मांगा था। मगर इसके प्रकाशित होने से पहले ही मायावती ने बृहस्पतिवार को यहां प्रेस कांफ्रेंस कर कथित आरोपों का जवाब दे दिया। उन्होंने कहा कि यह आरोप बिल्कुल गलत है कि उनके भाइयों ने उनके मुख्यमंत्री रहते हुए जेपी, डीएलएफ और यूनिटेक जैसे बिल्डरों के साथ मिलकर कारोबार किया।
मायावती ने सतीश चंद्र मिश्र को लेकर लगे कथित आरोपों का भी जोरदार तरीके से विरोध किया। उन्होंने कहा कि मिश्र राजनीति में आने से पहले एक बेहतर वकील थे और उन्होंने अपनी वकालत से धन कमाया है। उन्होंने आयकर की कोई चोरी नहीं की है बल्कि राजनीति में आने से पहले यूपी में टैक्स चुकाने वालों में शीर्ष पर गिने जाते थे। मायावती ने कहा कि मिश्र के बेटे भी वकालत कर रहे हैं।
यही नहीं, बसपा ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के दामाद रंजन भट्टाचार्य पर भी भ्रष्टाचार के आरोप परोक्ष रूप से लगाए। हालांकि वह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा पर लगे आरोपों पर सीधा कुछ नहीं बोलीं। इससे संबंधित सवाल पर उन्होंने कहा कि वह क्या अब सब के दामादों के भ्रष्टाचार की गिनती कराएंगी।
मायावती ने कहा कि बसपा इन आरोपों का जोरदार तरीके से जवाब देगी और आगामी चुनाव में चौंकाने वाले नतीजे होंगे। उन्होंने साथ ही मीडिया को भी जमकर नसीहत दी। उन्होंने मीडिया से कहा कि उसे जातिवादी मानसिकता को छोड़कर काम करना चाहिए।
हिंदू आतंकवाद पर शिंदे के बयान पर माया का ऐतराज
मायावती ने हिंदू आतंकवाद के संबंध में दिए गए गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे के बयान पर ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि शिंदे देश के बेहद महत्वपूर्ण ओहदे पर बैठे हैं। उन्हें यह बात पर्याप्त तथ्यों को सामने रखते हुए कहनी चाहिए थी। मायावती ने कहा कि शिंदे का बयान जल्दबाजी में दिया गया है और इससे हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंची है।
मायावती ने कहा कि अगर शिंदे के पास इस सिलसिले में कुछ तथ्य हैं, तो उन्हें इसे अदालत के सामने पेश करना चाहिए। शिंदे देश के इतने बड़े पद पर बैठे हैं। उन्हें तथ्यों को सामने रखकर बयान देना चाहिए था। हिंदू भावनाएं आहत नहीं होनी चाहिए। साथ ही सभी धर्मों का सम्मान किया जाना चाहिए।