महिलाओं की सुरक्षा के उपाय सुझाने के लिए बनी जस्टिस जेएस वर्मा कमेटी की रिपोर्ट पर गृह मंत्रालय में अंदरखाने नाखुशी का माहौल है। मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों ने इस पर नाराजगी जताई है कि कमेटी ने अपने मैंडेट से परे जा कर सिफारिशें कर दी हैं।
सूत्रों के मुताबिक गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने भी अधिकारियों से बातचीत में अपनी नाखुशी का इजहार किया है। हालांकि गृह मंत्रालय ने इस रिपोर्ट को अपराध कानून संशोधन बिल पर काम कर रही संसद की स्थायी समिति को भेज दिया है। यह समिति कमेटी की सिफारिशों का अध्ययन कर उसे संशोधन बिल में शामिल करेगी।
वहीं, समिति ने गृह मंत्रालय की नाराजगी को ठुकराते हुए कहा है कि सरकार रिपोर्ट को सकारात्मक तरीके से ले। समिति के सदस्य पूर्व सॉलिसिटर जनरल गोपाल सुब्रह्मण्यम ने यह भी कहा कि देश में बदलाव की पैरोकारी कर रहे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के लिए भी यह अच्छा मौका है कि वह रिपोर्ट को लागू करने के उपाय करें।
गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक कमेटी को मैंडेट दिया गया था कि वह महिलाओं की सुरक्षा और उत्पीड़न से संबंधित कानून में बदलाव संबंधी वैसी सिफारिशें करें जो अपराध संशोधन कानून बिल में नहीं हैं। सरकार पहले ही इस संशोधन बिल पर काम कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक चुनाव प्रक्रिया में बदलाव, पुलिस रिफॉर्म और शिक्षा प्रणाली में बदलाव की सिफारिशें अपराध कानून संशोधन के दायरे में नहीं आतीं। मंत्रालय में यह भी चर्चा है कि समिति की रिपोर्ट में महिलाओं के खिलाफ अपराध संबंधी कानून में बदलाव की जितनी भी सिफारिशें की गई हैं वह संशोधन बिल में पहले से ही मौजूद है। समिति इस कानून को बेहतर बनाने के उपाय सुझाने के बजाय अपने दायरे को पार कर गई।