मायावती मुस्लिम और दलित गठजोड़ का एक नया ‘फार्मूला’ दे गईं। बसपा सुप्रीमो ने न केवल लोगों को फार्मूला दिया बल्कि इस आधार पर जीत का गणित भी समझाया। साथ ही उन्होंने कहा कि मुस्लिम अपना वोट न बंटने दें।
बसपा सुप्रीमो नेमुरादाबाद और अमरोहा में हुईं जनसभाओं में उन सभी 19 लोकसभा सीटों का जिक्र किया जहां प्रत्याशी मुस्लिम हैं और दलित वोट बैंक के बूते पर यह सभी मजबूती के साथ सियासी युद्ध में अपना रंग दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा को सिर्फ बसपा ही रोक सकती है जिसके लिए मुस्लिम वोट बसपा को मिलने चाहिए।
बसपा सुप्रीमो ने बिलारी के रामरतन इंटर कालेज में रामपुर के प्रत्याशी हाजी अकबर और संभल के प्रत्याशी अकीलुर्रहमान के लिए सभा की तो अमरोहा के डिडौली के डीएनएस कालेज में मुरादाबाद के प्रत्याशी हाजी याकूब कुरैशी और अमरोहा के प्रत्याशी हाजी शब्बन के लिए विपक्षी दलों पर गरजीं।
पूर्व की योजनाओं के दम पर मांगे वोट
यूं तो उन्होंने दोनों जनसभाओं में किसान, नौजवान, मजदूर, छात्र, व्यापारी और कर्मचारियों तक की बात की। अपनी सरकार में सर्वसमाज के लिए चलाई गईं योजनाओं को भी गिनाया। तकरीबन चालीस मिनट की स्पीच में मायावती का केंद्र दलित और मुस्लिम ही रहे।
मायावती ने कहा कि विरोधी पार्टियां लोगों को यह कहकर भड़का रहीं हैं कि जिस मुस्लिम समाज ने दलितों का शोषण किया है उन्हें ही बसपा ने टिकट दे दिया। जबकि हकीकत यह है कि दलितों का शोषण मुसलमानों ने नहीं बल्कि सामंतवादी ताकतों ने किया है।
मायावती ने मुस्लिम समाज को गोधरा कांड याद दिलाते हुए कहा कि भाजपा ने जिस नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का दावेदार घोषित किया है वह अपनी सरकार में गोधरा कांड करा चुके हैं। अब जरा सोचिए कि ऐसा शख्स अगर प्रधानमंत्री बन जाता है तो पूरा देश सांप्रदायिक दंगों की चपेट में होगा।
'सपा सरकार गुंडों की सरकार है'
मायावती ने यहां मुस्लिम समाज के लोगों से कहा कि यदि आप लोगों का वोट बंट गया तो इसका सीधा फायदा भाजपा को होगा। यदि आप लोग भाजपा को रोकना चाहते हैं तो एक एक वोट बसपा प्रत्याशियों को दीजिए। वहीं दलित समाज को आगाह करते हुए कहा कि भाजपा ने हमेशा दलितों को नुकसान पहुंचाया है।
जब केंद्र में पहली दफा भाजपा की सरकार बनी थी तब संविधान की समीक्षा करने की बात की गई। दरअसल समीक्षा के नाम पर भाजपा सरकार आरक्षण व्यवस्था को खत्म करना चाहती थी। बाकायदा आयोग का गठन कर दिया गया था। ऐसे में अगर भाजपा की फिर से सरकार बनती है तो आरक्षण व्यवस्था खत्म हो जाएगी।
उन्होंने सपा सरकार को गुंडों की सरकार कहा तो भाजपा को धन्नासेठों की पिछलग्गू। कांग्रेस को भी पूंजीपतियों की सरकार कहते हुए कहा कि इनकी सरकारें हमेशा दबाव में रहेंगी लेकिन बसपा अपने बल पर सरकार बनाएगी। मायावती को सुनने के लिए दोनों जनसभाओं में जनसैलाब उमड़ा हुआ था।