बीते साल हिंसा के चलते पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा आंतरिक विस्थापन असम में हुआ। शुक्रवार को एशियन सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स (एसीएचआर) की जारी एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है।
प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद तैयार किए गए इस रिपोर्ट में दावा किया गया कि असम में विस्थापन की मार झेलने वाले लोगों की संख्या तीन लाख से भी अधिक है, जो कि 2014 के दौरान पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा रही।
एसीएचआर के निदेशक सुहास चक्मा ने बताया कि विस्थापित लोग फिलहाल असम के चार जिलों सोनितपुर, कोकराझार, उदालगुरी और चिरांग में बनाए गए 85 राहत शिविरों में रह रहे हैं।
विस्थापित लोगों में ज्यादातर आदिवासी शामिल हैं। एनडीएफबी (एस) द्वारा बीते 23 दिसंबर को 80 आदिवासियों की हत्या के बाद अब यह अपने घरों की ओर लौट रहे हैं। एसीएचआर ने असम सरकार से विस्थापित लोगों के लिए मानवीय मदद को बढ़ाने का अनुरोध किया है।