झारखंड के नक्सली हमले में शहीद हुए शमशेर सिंह के पिता बलबीर सिंह ने सामान्य चिकित्सा सुविधा के अभाव में दम तोड़ दिया। पुत्र के अंतिम सरकार को अभी 24 घंटे भी नहीं बीते थे।
पिता की तबीयत शुक्रवार दोपहर शहीद पुत्र की अर्थी को कंधा देते समय खराब हो गई थी और शनिवार सुबह तबीयत काफी ज्यादा बिगड़ गई। नजदीकी सरकारी अस्पताल की नेबुलाइजर मशीन (भाप देने वाली मशीन) चोरी हो गई थी, जिससे शहीद के पिता का इलाज नहीं हो सका और दूसरे अस्पताल ले जाते समय उन्होंने दम तोड़ दिया।
शहीद शमशेर सिंह की अंत्येष्टि उनके शाहजहांपुरा स्थित बावड़ी गांव स्थित पैतृक आवास पर राजकीय सम्मान के साथ ही की गई थी। पिता बलबीर सिंह को शनिवार सुबह सांस लेने में परेशानी शुरू हुई।
परिजन तुरंत शाहजहांपुर स्थित सरकारी अस्पताल पहुंचे, लेकिन अस्पताल की नेबुलाइजर मशीन चोरी हो गई थी। अस्पताल में मौजूद डॉक्टर अर्चना ने अपनी पर्सनल मशीन काम में ली, लेकिन वह भी खराब निकली। बाद में डॉक्टर ने बलवीर सिंह को बहरोड स्थित दूसरे सरकारी अस्पताल भेज दिया, लेकिन बलवीर सिंह ने एम्बुलेंस में ही दम तोड़ दिया।
गरमाई राजनीति
प्रदेश कांग्रेस सचिव रमा बजाज ने भाजपा सरकार पर शहीद के परिजनों को सहायता नहीं दिए जाने पर रोष जताया।
उन्होंने कहा कि शहीदों की शहादत के प्रति सरकार का अन्याय है। उन्होंने कहा कि देश व नागरिकों की रक्षा के लिए जवान शहीद हो जाते हैं लेकिन सरकार उनको ठीक से श्रद्धांजलि व उनके परिजनों को सहायता भी नहीं उपलब्ध करवा पा रही है।