सुरक्षा बलों की सख्ती की वजह से कुछ महीनों से शांत बैठे नक्सलियों ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के मकसद से कांग्रेसी नेताओं के जत्थे को आसान निशाना बना लिया।
गृह मंत्रालय का मानना है कि नक्सलियों ने तीन बड़े नेताओं की हत्या और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंद कुमार पटेल व उनके बेटे को अगवा कर सरकार को खुली चुनौती दी है।
घटनाक्रम पर नजर रख रहे मंत्रालय ने राज्य पुलिस से पूरी रिपोर्ट मंगवाई है। केंद्र ने अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त कंपनियां छत्तीसगढ़ भेजने का फैसला किया है ताकि राज्य पुलिस की कार्रवाई में कोई दखल नहीं पड़े।
गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह ने माना है कि यह बड़ा नक्सली हमला है। नक्सलियों पर अब तक सख्त सुरक्षा बलों ने नई योजना के तहत त्वरित कार्रवाई करने की योजना पर काम शुरू कर दिया है।
छत्तीसगढ़ से आ रही खबरों के मुताबिक नक्सली सैकड़ों की संख्या में थे।
नक्सल विरोधी कार्रवाई की बागडोर संभालने वाले गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने हैरानी जताई है कि सैन्य बल की मौजूदगी के बावजूद जंगल में इतनी संख्या में नक्सली एक साथ कैसे जमा हो गए।
गृह मंत्रालय अधिकारी के मुताबिक पटेल और उनके बेटे की रिहाई के लिए नक्सलियों के साथ बातचीत का नया दौर शुरू होगा।
उम्मीद जताई जा रही है कि राज्य सरकार की मदद के लिए केंद्र से कुछ अधिकारियों को रायपुर भेजा जाएगा।