गणतंत्र दिवस से पूर्व माओवादी हमले की आशंका को देखते हुए असम में पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। राज्य के पुलिस प्रमुख जेएन चौधरी ने उल्फा के परेश बरूआ धड़े के सहयोग से माओवादियों के हमले की आशंका जताई है।
पुलिस प्रमुख जेएन चौधरी ने कहा कि राज्य में मिले विस्फोटकों से आशंका को बल मिलता है। इस क्षेत्र में माओवादियों को एक बार लोगों की कमी हो सकती है लेकिन उनके पास हथियारों की कमी नहीं है। वे अपने हथियार नागालैंड से ला रहे हैं। जांच में पता चला है कि पकड़े गए अधिकतर विस्फोटक चीन निर्मित हैं।
गौरतलब है कि 2012 में 258 उग्रवादी हिंसात्मक घटनाएं हुई हैं। सुरक्षा बलों ने कम से कम 110 एलईडी और 163 हथगोलों समेत 443 हथियार जब्त किए। इस साल में अब तक पुलिस ने सात विस्फोटक जब्त किए हैं।
पुलिस प्रमुख चौधरी ने राज्य में माओवादियों के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में माओवादी और सांप्रदायिक आतंकवादी चिंता का मुख्य कारण होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में माओवादियों के 112 कैडर हैं, जो उल्फा के चरमपंथियों और उग्रवादियों के संपर्क में हैं। उन्होंने उल्फा चरमपंथियों के हुजी और लश्कर-ए-तैयबा से लिंक होने की संभावनाओं से भी इंकार नहीं किया।