ताज कार रैली न केवल आगरा के एडवेंचर टूरिज्म के प्रमोशन के लिए है, बल्कि यह उन दिव्यांगों का हौसला भी बढ़ा रही है। इस रैली में हौसले की डगर पर जालंधर, अमृतसर और दिल्ली से आए तीन दिव्यांग फर्राटा भरकर शारीरिक रूप से अक्षम लोगों को प्रेरणा दे रहे हैं।
बीते साल रैली में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित दीपा मलिक जोश और जुनून जगाने आई थीं, लेकिन इस बार उनके ही एनजीओ से जुड़े तीन रैली ड्राइवर ताज आगरा कार रैली में आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
अमृतसर से आए देवेंद्र सिंह पहली बार रैली में आगरा आए हैं। उनके मुताबिक विकलांगता शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक होती है। जब तक मानसिक रूप से विकलांग नहीं, तब तक शारीरिक विकलांगता का असर नहीं पड़ता।
‘मन के हारे हार है और मन के जीते जीत’। इस मंत्र पर चलने वाले देवेंद्र कहते हैं कि वह दूसरों के लिए प्रेरणा बनने आए हैं कि हम कुछ भी कर सकते हैं। हम नि:शक्त नहीं, बल्कि सशक्त हैं।
दिल्ली से अंकित शर्मा हाल में ही रॉयल राजस्थान रैली में हिस्सा लेकर आगरा पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि सोच अगर पाजिटिव है तो जीत है। हार कभी मत मानिए।
हम जैसे लोगों को देखकर लोगों को यह लगना चाहिए कि वह कुछ भी कर सकते हैं। प्रेरणा मिलेगी तो लगेगा कि उनका आना सफल हुआ। उनका जीवन मंत्र है कि ‘कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।’