अरब सागर में प्रतिचक्रवात के कारण दक्षिण-पश्चिम मानसून को आने में कुछ दिनों की देरी हो सकती है। मौसम विभाग ने अब मानसून के चार जून तक केरल के तट पर पहुंचने की भविष्यवाणी की है।
पहले 30 मई की तारीख बताई गई थी। उधर, गर्मी से बेहाल लोगों के लिए खुशखबरी है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, एक से तीन जून के बीच दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और उत्तरी राजस्थान में आंधी के साथ बारिश हो सकती है।
इससे बढ़ते तापमान से राहत मिलेगी। दिल्ली-एनसीआर में रविवार को हल्की बूंदाबांदी के चलते तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई।
भारतीय मौसम विभाग के प्रमुख मौसम विज्ञानी डीएस पाई के अनुसार, परिस्थितियां अब भी मानसून के पक्ष में नहीं हैं। इसके कारण देरी होगी।
उन्होंने बताया कि बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ता दक्षिण-पश्चिम मानसून 21 मई को श्रीलंका के दक्षिणी हिस्से में पहुंच गया था लेकिन इसके बाद एक हफ्ते तक यह निष्क्रिय रहा।
दरअसल, मानसून पर अरब सागर में प्रति चक्रवात का असर पड़ा है। इसके कारण यह अपनी ताकत नहीं हासिल कर पा रहा है। बता दें कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अपनी अनिश्चित प्रकृति के लिए जाना जाता है।
इसके बारे में लगाए गए अनुमान पहले भी गलत साबित हो चुके हैं। पिछले साल कम बारिश की मार झेल चुके देश को मानसून का बेसब्री से इंतजार है। खरीफ की फसल के लिए मानसून का समय पर आना बेहद जरूरी है।