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महिलाओं की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता: मनमोहन

Thu, 27 Dec 2012 09:47 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
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चलती बस में युवती से दरिंदगी की घटना से चिंतित प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा राष्ट्रीय विकास परिषद (एनडीसी) की बैठक में भी उठाया।
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प्रधानमंत्री ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सरकार के लिए सबसे बड़ी चिंता है। इस आधी आबादी की सक्रिय भागीदारी के बगैर कोई सार्थक विकास नहीं हो सकता है। लेकिन महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए उनकी सुरक्षा जरूरी है।

प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे पर सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से विशेष ध्यान देने का आग्रह भी किया। प्रधानमंत्री ने लिंग असमानता को दूर करने पर जोर देते हुए कहा कि आबादी की आधी संख्या महिलाओं की है। लेकिन समाज इनके प्रति निष्पक्ष नहीं है।
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महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार की गति धीमी है। महिलाओं का आगे आना बेशक सामाजिक स्वतंत्रता के लिए जरूरी है। लेकिन उनकी सुरक्षा के प्रति खतरे भी बढ़ रहे हैं। इन पर केंद्र और राज्यों को मिलकर ध्यान देना होगा।

उन्होंने कहा कि सरकार ने मौजूदा कानूनों की समीक्षा करने और यौन उत्पीड़न के मामले में सजा कड़ी करने की संभावनाएं तलाशने का निर्णय लिया है। इसके लिए पूर्व चीफ जस्टिस जेएस वर्मा की अध्यक्षता में न्यायविदों की एक समिति गठित की गई है। इसके अलावा एक जांच आयोग भी गठित किया जा रहा है जो राजधानी में इन मुद्दों पर विचार करेगा।

उन्होंने कहा कि गैंगरेप मामले के आरोपियों पर तेजी से कार्रवाई की जाएगी। एनडीसी की बैठक में शामिल होने आए गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा गंभीर और महत्वपूर्ण है। इस मामले को राजनीति से ऊपर उठकर देखना चाहिए।
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