यूपीए-2 सरकार के चार साल के जश्न के मौके पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने विपक्ष के खिलाफ ताल ठोकने का संदेश दे दिया है।
प्रधानमंत्री ने जहां उपलब्धियों का ट्रैक रिकॉर्ड पेश कर सरकार को कामयाब बताया तो वहीं सोनिया गांधी ने खाद्य सुरक्षा और भूमि अधिग्रहण बिल से लेकर संसद न चलने के मुद्दे को उठाते हुए विपक्ष की घेरेबंदी की।
साथ ही भ्रष्टाचार के मुद्दे पर प्रधानमंत्री पर उठाए जा रहे सवालों को थामते हुए सोनिया ने कहा कि पीएम ने बेहतर काम किया है।
उन्होंने कांग्रेस और सरकार को कहा कि हमें किसी तरह से बचाव करने की जरूरत नहीं है। सिर उठाकर विपक्ष की आलोचनाओं का जवाब देने की जरूरत है।
यूपीए दो सरकार के चार साल और यूपीए के कुल नौ साल के सत्ता के सफर में कामकाज की रिपोर्ट टू द पीपुल जारी करते हुए सोनिया और मनमोहन ने इस आक्रामकता के साथ विपक्ष से चुनावी मैदान में मुकाबला करने का संदेश भी दिया।
सात रेसकोर्स रोड पर रिपोर्ट कार्ड जारी करने के इस जश्न का आगाज करते हुए प्रधानमंत्री ने विपक्ष को करारा जवाब दिया। उनका कहना था कि वस्तुत: एनडीए सरकार से विरासत में उन्हें खाली गिलास मिला था और खाली गिलास भरने में समय लगेगा। पीएम ने कहा कि फिर भी हमने काफी कुछ भरपाई की है।
उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार के कार्यकाल में सिर्फ 5.7 फीसदी विकास दर रही थी जबकि यूपीए सरकार के नौ साल में औसतन विकास दर आठ फीसदी रही है।
यूपीए के इस जश्न में उसके मौजूदा सभी घटक दल तो मौजूद थे। मगर सरकार के दो सबसे अहम सहयोगी दलों में से एक सपा ने इस जश्न में शिरकत नहीं की। तो बसपा ने मंच पर नहीं मगर डिनर में शामिल होकर यूपीए को थोड़ी राहत जरूर दी।
प्रधानमंत्री ने यूपीए सरकार के कार्यकाल की चार बड़ी खूबियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि यूपीए के सत्ता में आने के बाद अर्थव्यवस्था में सुधार आया है। आर्थिक विकास की प्रक्रिया में सभी वर्गों को फायदा हुआ है। कल्याणकारी और विकास कार्यक्रम जनता तक आसानी से पहुंचे हैं। साथ ही चुनौतीपूर्ण बदलती दुनिया के साथ रिश्तों में सुधार हुआ है।
केंद्र सरकार की उपलब्धियों को बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यूपीए सरकार की खाद्य सब्सिडी तीन गुना बढ़ी। यूपीए के सत्ता के आने के बाद ही कृषि में विकास हुआ। 6.7 फीसदी की दर से विकास हुआ।
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की कोशिशों की वजह से महंगाई काबू में आई। सरकारी घाटे में भी कमी आई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि मनरेगा और सर्वशिक्षा अभियान जैसी योजनाओं से विकास हुआ है। नौ साल में देश में गरीबी घटी है।
पिछले साल के मुकाबले इस साल जीडीपी विकास दर बढ़ने की उम्मीद है। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार की प्रतिबद्धता को बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार ने लोकपाल बिल पेश किया। साथ ही हमने व्यवस्था को पारदर्शी बनाया है।
सरकार भूमि अधिग्रहण बिल लेकर आई और भोजन का अधिकार भी हमने देने की कोशिश की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कई बड़े निवेश प्रोजेक्ट नियामकों की मंजूरी की वजह से अटके हुए हैं। इस सिलसिले में निवेश मामलों की कैबिनेट कमेटी बनाई गई है जोकि इस समस्या का समाधान सुझाएगी।