लोकसभा चुनावों में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को 'अर्थशास्त्री के बजाय अनर्थशास्त्री' कहकर कोस चुकी भाजपा ने आर्थिक मामलों पर 'ज्ञान' लेने के लिए उन्हें आर्थिक मामलों की समिति का सदस्य बनाया है।
संसद की आकलन समिति ने मंगलवार को 35 स्थायी समितियों का गठन किया, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को सदस्य बनाया गया है। समिति के अध्यक्ष मनमोहन की ही सरकार में मंत्री रह चुके वीरप्पा मोइली को बनाया गया है।
गौरतलब है मनमोहन सिंह को मौजूदा आर्थिक नीतियों का जनक माना जाता है। 1991 में बतौर वित्तमंत्री उन्होंने ही आर्थिक उदारीकरण की नीतियां लागू की थी।