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मोदी ने मनमोहन को सौंपी अहम जिम्मेदारी

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लोकसभा चुनावों में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को 'अर्थशास्त्री के बजाय अनर्थशास्त्री' कहकर कोस चुकी भाजपा ने आर्थिक मामलों पर 'ज्ञान' लेने के लिए उन्हें आर्थिक मामलों की समिति का सदस्य बनाया है।
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संसद की आकलन समिति ने मंगलवार को 35 स्थायी समितियों का गठन किया, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को सदस्य बनाया गया है। समिति के अध्यक्ष मनमोहन की ही सरकार में मंत्री रह चुके वीरप्पा मोइली को बनाया गया है।

गौरतलब है मनमोहन सिंह को मौजूदा आर्थिक नीतियों का जनक माना जाता है। 1991 में बतौर वित्तमंत्री उन्होंने ही आर्थिक उदारीकरण की नीतियां लागू की थी।
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दिग्विजय, ज्योतिरादित्य भी स‌‌मि‌ति में शा‌मिल

आर्थिक मामलों की समिति में कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी शामिल किया गया है। समिति के अन्य सदस्यों में भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा के बेटे जयंत सिन्हा भी शामिल हैं। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़े जयंत सिन्हा वित्तीय निवेशक भी हैं।

भाजपा के ही एसएस अहलुवालिया और ‌किरीट सौमैया को भी आर्थिक मामलों की समिति का सदस्य बनाया गया है। संसद की स्थायी समितियों में पांच की कमान कांग्रेस को सौंपी गई है। पार्टी के जिन नेताओं को स्थायी समितियों की अध्यक्षता मिली है उसमें एम वीरप्पा मोइली, शशि थरूर, पी भट्टाचार्य के नाम शामिल हैं।

इन्हें क्रमश: वित्त, विदेश और गृह मामलों की स्थायी समिति की कमान सौंपी गई है। इसके अलावा विज्ञान और तकनीकी समिति की अध्यक्षता अश्विनी कुमार को तथा लोक लेखा समिति का अध्यक्षता केवी थामस को दी गई है।
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