अपने पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की वैवाहिक स्थिति को लेकर कांग्रेस के हमलों से तिलमिलाई भाजपा ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लेकर बड़ा खुलासा किया है।
भाजपा ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर भरे नामांकन पत्र के साथ शपथ पत्र में अपनी पत्नी का नाम नहीं लिखा था।
सबूत के तौर पर दिखाई शपथ-पत्र की कॉपी
भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने पीएम के शपथ पत्र की कथित प्रति दिखाते हुए कहा कि यह राज्यसभा के रिटर्निंग आफिसर को दिए गए मनमोहन सिंह का शपथ पत्र है, जिसमें उन्होंने अपनी पत्नी का नाम नहीं लिखा है।
रविशंकर प्रसाद ने सवाल उठाया कि हमें क्यों ऐसे सवालों पर चर्चा करने की जरूरत है। प्रसाद ने यह नहीं बताया कि यह शपथ पत्र कब का है, लेकिन गुजरात भाजपा के नेताओं ने दावा किया कि यह वर्ष 2013 का है जब मनमोहन सिंह राज्यसभा के लिए दोबारा चुने गए थे।
प्रसाद ने कहा कि देश में एक परंपरा है कि निजी मसलों को सार्वजनिक मंच पर नहीं उठाया जाता। मोदी के बड़े भाई ने एक बयान दिया है कि उन्होंने देश की सेवा के लिए कम उम्र में ही घर और परिवार छोड़ दिया था।
भाजपा ने दी कांग्रेस को धमकी!
मोदी की निजी जिंदगी को लेकर शुक्रवार को टिप्पणी करने वाले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के बयान पर प्रसाद ने कहा कि उनकी समझ सीमित है और देश की जनता यह समझती है। लेकिन भाजपा के अपने नैतिक मूल्य हैं और वह किसी के पारिवारिक मसलों पर टिप्पणी नहीं करती।
उन्होंने कहा कि उनके पास भी नेहरू, इंदिरा और राजीव की निजी जिंदगी के बारे में बताने के लिए बहुत कुछ है लेकिन भाजपा ऐसा नहीं करती।
मोदी पर दर्ज शिकायत की जांच करेगा आयोग
चुनाव आयोग ने कहा है कि वह नरेंद्र मोदी की वैवाहिक स्थिति के मामले में दर्ज शिकायत पर गौर करेगा। इस मामले में मोदी के खिलाफ शुक्रवार को शिकायत दर्ज कराई गई थी। इस शिकायत पर मुख्य चुनाव आयुक्त वी.एस. संपत्त ने कहा कि आयोग सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के आलोक में इस मामले की जांच करेगा।
संपत्त ने कहा कि आयोग के सामने यह शिकायत उसके अधिकारियों के चेन्नई दौरे से ठीक पहले आई। उन्होंने कहा कि मोदी के खिलाफ जो शिकायत दर्ज कराई गई है, उससे संबंधित मामले में सुप्रीम कोर्ट के कुछ साफ निर्देश हैं। इस शिकायत को संबंधित कानून के प्रावधानों और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के संदर्भ में ही देखा जाएगा।
गौरतलब है कि शुक्रवार को कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने मोदी की वैवाहिक स्थिति के खुलासे के संबंध में चुनाव आयोग से शिकायत की थी। उन्होंने मोदी की ओर से पहले भरे गए पर्चों के साथ जमा किए गए शपथपत्रों में जानकारी छिपाने के मामले में कार्रवाई करने की मांग की थी।