अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को खुली चुनौती दी है। मांझी ने कहा कि अगर मोदी समाज को साफ करने के महात्मा गांधी के सपने को वाकई साकार करना चाहते हैं तो वो एक बार आदिवासी और महादलित परिवारों के साथ बैठकर मछली और चावल खाएं।
बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र का दौरा करन के दौरान मांझी ने मोदी के स्वच्छ भारत अभियान पर तंज कसा और कहा, 'झाड़ू चलाने से क्या होगा।' उन्होंने कहा कि मानसिकता को बदलने की जरूरत है, जाति आधारित भेदभाव और अस्पृश्यता को भी खत्म करना इस समय सबसे ज्यादा जरूरी है।
बिहार की राजनीति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि उनके घर में जनता दल यूनाइटेड के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की फोटो की मौजूदगी को अन्यथा नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नीतीश हमारे लिए आदर्श हैं और उन्होंने बिहार में पिछड़ेपन और अराजकता को दूर करने का काफी हद तक प्रयास किया है।
मांझी ने कहा कि वो कभी जनप्रतिनिधि भी नहीं रहे, लेकिन अब वो बिहार के मुख्यमंत्री हैं और उन्होंने अपने छोटे से कार्यकाल में ही कापी बड़े बड़े काम किए हैं और समाज सुधार से जुड़ी कई परियोजनाओं को सामने किया है।