मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने शनिवार को अपने आवास पर कैबिनेट की विशेष बैठक बुलाई। बैठक में कुल आठ प्रस्तावों पर मुहर लगी।
नीतीश कुमार के महादलित एजेंडे को खत्म करते हुए बैठक में यह फैसला लिया गया कि महादलित के विकास के लिए चलाई जा रही योजनाओं का लाभ अब पासवान (दुसाध) जाति को भी मिलेगा। इसके पहले अनुसूचित जाति की 18 अन्य जातियों को यह लाभ मिलता रहा है।
कैबिनेट के प्रधान सचिव बी प्रधान ने कहा कि जहां कहीं भी अनुसूचित जनजाति का परिवार है, वहां इसी जाति के लोग विकास मित्र के रूप में चयनित होंगे। माझी कैबिनेट ने एक अन्य फैसले में दरभंगा अभियंत्रण महाविद्यालय का नाम डॉ. जगन्नाथ मिश्र इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, दरभंगा कर दिया है। इसी प्रकार बिहार उर्दू अकादमी को वित्तीय वर्ष 14-15 में सहायक अनुदान-वेतन मद 36.62 लाख और विकास कार्य के लिए 1.96 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।