दिन-ब-दिन पुरुषों की प्रजनन क्षमता घटती जा रही है। यह समस्या देन है आज की भागमभाग भरी जिंदगी की। इसके चलते शरीर बीमारियों का घर बनता जा रहा है और पुरुषों में संतानोत्पत्ति की क्षमता कम होती जा रही है।
बीमारी की इस अवस्था का नाम है एंड्रोपॉज। यह तथ्य बीएचयू के जंतु विज्ञान विभाग के प्रो. अमिताभ कृष्णा के निर्देशन में चल रहे शोध के आरंभिक निष्कर्षों में सामने आए हैं।
प्रो. कृष्णा ने बताया कि अब तक सामान्यत: 80 साल तक पुरुष संतानोत्पत्ति करने में समर्थ होते थे। लेकिन हालिया शोधों में यह बात सामने आई कि अब यह आयु घटकर 60-65 वर्ष तक ही सिमट गई है। यही नहीं मोबाइल, कंप्यूटर और फास्ट फूड जैसी चीजों पर टिकी आधुनिक जीवनशैली के चलते युवा भी इसके शिकार हो रहे हैं। इसके बाद उन्होंने इसके कारणों का पता लगाने के लिए शोध शुरू किया।