कहावत है पहले चोरी फिर सीनाजोरी। ऐसे ही एक मामले में कड़कडड़ूमा स्थित विशेष फास्ट ट्रैक ने रेप के एक आरोपी कारोबारी को दोषी ठहराते हुए आठ साल कैद की सजा सुनाई है।
दोषी ने अपनी रिश्तेदार महिला से दुष्कर्म के बाद उसकी न्यूड फोटो इंटरनेट पर डालने की धमकी दी थी।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश टी आर नवल ने दिल्ली निवासी कारोबारी लोकेश कुमार को आठ साल कैद की सजा सुनाई है।
अदालत ने दोषी पर एक लाख दस हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। इस राशि में से 75 हजार रुपए पीडि़ता को मुआवजे के तौर पर दिए जाएंगे।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि दोषी को अच्छी तरह पता था कि पीडि़ता उसके साले की पत्नी है जो उसके यहां नौकरी करता था। दोषी ने पीडि़ता के विश्वास को तोड़ा है।
मामले के मुताबिक कारोबारी पर अपनी शादीशुदा रिश्तेदार महिला को नशीला पदार्थ पिलाकर उससे कई बार दुष्कर्म करने का आरोप था। दुष्कर्म के कारण महिला गर्भवती हो गई और एक बच्चे को जन्म दिया। डीएनए परीक्षण से कारोबारी की बच्चे के पिता के तौर पर पुष्टि हुई थी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार कारोबारी लोकेश कुमार ने मई 2010 में अपने साले की पत्नी से दुष्कर्म किया था। लोकेश का साला अपनी पत्नी के साथ उसी के घर में रहता था। घटना के समय महिला का पति घर पर नहीं था। लोकेश ने चाय बनाने के बहाने पीडि़ता को अपने कमरे में बुलाया।
इसी दौरान लोकेश ने चाय में नशीली दवा डाल दी और पीडि़ता से दुष्कर्म किया। उसने पीडि़ता की नंगी फोटो भी ले ली और उसे इंटरनेट पर डालने की धमकी दी। इसके बाद लोकेश पीडि़ता से बार-बार दुष्कर्म करता रहा। जब अक्टूबर 2010 में पीडि़ता अपने मायके गई तब सारी घटना बताई।
पीडि़ता ने लोकेश के बच्चे को जन्म भी दिया। उसने अप्रैल 2011 में लोकेश के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज करवाया था। सुनवाई के दौरान लोकेश ने शारीरिक संबंधों की बात कबूली लेकिन इसे दुष्कर्म के बजाय से सहमतिपूर्ण संबंध बताया।