फर्ज कीजिए कि आप सड़क किनारे चाय का लुत्फ ले रहे हों और आपको सिर्फ इसलिए गिरफ्तार कर लिया जाए कि आप 'संदिग्ध' तरीके से चाय पी रहे हैं। दिमाग चकरा जाएगा ना?
जिसे सोचकर आप हैरान हो रहे हैं, अगर वह हकीकत में घटे, तो कैसा लगता है यह विजय पाटिल बता सकते हैं। उन्हें पुलिस ने संदिग्ध तरीके से चाय पीने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
पाटिल कोल्हापुर में चाय पी रहे थे, जब उन्हें हिरासत में ले लिया गया। उनके खिलाफ धारा 151 के तहत मामला दर्ज हुआ, जिसके तहत किसी को अपराध करने से रोकने के लिए गिरफ्तार किया जा सकता है।
पुलिस का कहना था कि 49 वर्षीय पाटिल के पास चाय पीने के व्यवहार को लेकर कोई संतोषजनक जवाब नहीं था और उसके मुताबिक वह संदिग्ध तरीके से चाय पी रहे थे।
लेकिन बम्बई उच्च न्यायालय ने यह मामला खारिज कर दिया। अदालत ने अपने आदेश में कहा, "हमें इस बात की जानकारी नहीं थी कि कानून के तहत चाय पीने के लिए भी स्पष्टीकरण देने की जरूरत होती है।"
अदालत ने कहा, "कोई किसी भी तरह से चाय पी सकता है, सभी नफासत के साथ ऐसा नहीं करते, कुछ चाय पीते वक्त आवाज या शोर भी करते हैं। लेकिन हम इतना जानते हैं कि कोई भी संदिग्ध तरीके से चाय नहीं पी सकता।"