वाम दलों को तीसरे विकल्प की राजनीति की अगुवाई से दूर कर तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी खुद गैरभाजपा-गैरकांग्रेस विरोधी दलों का केंद्र बनने की कोशिश में जुट गई हैं। इसके लिए ममता ने हाल ही में संसद में बने भाजपा-कांग्रेस विरोधी ब्लॉक में शामिल दलों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है।
उनकी निगाह उन गैरभाजपा-गैरकांग्रेस दलों पर भी है, जो अब तक वाम दलों की अगुवाई वाले ब्लॉक में शामिल नहीं हुए हैं। उनकी पहली कोशिश अपने फेडरल फ्रंट को मजबूत बनाने के लिए भाजपा-कांग्रेस विरोधी ब्लॉक में शामिल गैर वाम दलों को पटाने की है।
इस मुहिम के तहत ममता एजीपी, जेवीएम और बीजेडी नेताओं से लगातार संपर्क साध रही हैं। इसके अलावा उनकी निगाह टीडीपी, वाईएसआर कांग्रेस जैसे दलों पर भी है, जिन्होंने अभी किसी गठबंधन से नाता नहीं जोड़ा है।