पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी केंद्र सरकार की बेरुखी से इस कदर नाराज हो गई हैं कि सोमवार को एक जनसभा में उन्होंने यह तक कह डाला कि अब क्या मैं प्रधानमंत्री को पीटना शुरू कर दूं।
कैंनिंग में आयोजित जनसभा में यूपीए सरकार की पूर्व सहयोगी ममता बनर्जी ने कहा कि वह उर्वरकों की बढ़ती कीमतों के खिलाफ कई बार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिल चुकी हैं, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। साथ ही उनकी कर्ज से निबटने संबंधी समस्याओं पर भी गौर नहीं किया जा रहा है।
ममता ने अपनी भड़ास निकालते हुए कहा, ‘मैं पीएम से 10 बार मिल चुकी हूं। इससे ज्यादा मैं कुछ नहीं कर सकती। अब क्या मैं अब क्या मैं प्रधानमंत्री को थप्पड़ मारना शुरू कर दूं? फिर आप लोग ही कहेंगे कि मैं गुंडा बन गई हूं। वैसे ही बिना कुछ किए मेरी छवि गुंडों वाली बन चुकी है। हालांकि मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। मगर मुझे इन सब समस्याओं से निबटना आता है। हमें उर्वरक फैक्टरी शुरू करनी होगी और इसके लिए 3 से 4 साल का वक्त लगेगा।’
केंद्र पर हल्ला बोलते हुए उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार रिटेल में एफडीआई और डीजल कीमतों में बढ़ोतरी जैसी आम जनता को पहुंचाने वाली नीति अपना रही है। ममता ने एक रैली के दौरान कहा कि हम रिटेल सेक्टर में एफडीआई को अनुमति नहीं देंगे। साथ ही डीजल कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि और एलपीजी सिलेंडरों पर कैप लगाने जैसे फैसलों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने दावा किया कि इस साल के बीच में ही कांग्रेस की अध्यक्षता वाली यूपीए सरकार गिर जाएगी और अगस्त-सितंबर में समय पूर्व चुनाव होंगे। मुख्यमंत्री ने धमकी दी कि अगर उन्हें कर्ज आदि से निबटने के लिए वित्तीय संबंधी मदद नहीं मिली, तो वह दिल्ली की सड़कों पर भी उतर जाएंगी।